10 जनवरी 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 10 जनवरी 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 10 जनवरी 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:28, 11 जन॰ तक), नक्षत्र श्रवण (15:12 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 16:16 से 17:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:34
रात 07:14 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
श्रवण, 15:12 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:14 – 08:31टालें
चर08:31 – 09:49सामान्य
लाभ09:49 – 11:06शुभ
अमृत11:06 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:41टालें
शुभ13:41 – 14:59शुभ
रोग14:59 – 16:16टालें
उद्वेग16:16 – 17:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:34 – 19:16शुभ
अमृत19:16 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:41सामान्य
रोग22:41 – 00:24टालें
काल00:24 – 02:06टालें
लाभ02:06 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:31टालें
शुभ05:31 – 07:14शुभ

10 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:28, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:12 तक
धनिष्ठा 17:53, 11 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 17:02 तक
सिद्धि 17:38, 11 जन॰ तक
करण
तैतिल 20:20 तक
गर 09:28, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 04:35, 11 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
08:48
चंद्रास्त
19:50
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
16:16 – 17:34
यमगंड
12:24 – 13:41
गुलिक काल
14:59 – 16:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:1408:05दिन
शुक्र08:0508:57दिन
बुध08:5709:49दिन
चंद्र09:4910:40दिन
शनि10:4011:32दिन
गुरु11:3212:24दिन
मंगल12:2413:15दिन
सूर्य13:1514:07दिन
शुक्र14:0714:59दिन
बुध14:5915:51दिन
चंद्र15:5116:42दिन
शनि16:4217:34दिन
गुरु17:3418:42रात
मंगल18:4219:51रात
सूर्य19:5120:59रात
शुक्र20:5922:07रात
बुध22:0723:15रात
चंद्र23:1500:24रात
शनि00:2401:32रात
गुरु01:3202:40रात
मंगल02:4003:49रात
सूर्य03:4904:57रात
शुक्र04:5706:05रात
बुध06:0507:14रात

अयनांश 24.2346° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।