1 मार्च 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 1 मार्च 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 1 मार्च 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (02:07, 2 मार्च तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (16:27 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 18:15
रात 06:42 तक
तिथि
नवमी, 02:07 तक
दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 16:27 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:43 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:36टालें
शुभ09:36 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 13:55टालें
चर13:55 – 15:22सामान्य
लाभ15:22 – 16:48शुभ
अमृत16:48 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:15 – 19:48सामान्य
रोग19:48 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:28शुभ
उद्वेग00:28 – 02:02टालें
शुभ02:02 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:42सामान्य

1 मार्च 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 02:07, 2 मार्च तक
कृष्ण दशमी 04:44, 3 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 19:27, 2 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 23:11 तक
सिद्धि 00:07, 3 मार्च तक
करण
तैतिल 12:54 तक
गर 02:07, 2 मार्च तक
वणिज 15:24, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
01:55
चंद्रास्त
11:53
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:36
यमगंड
11:02 – 12:29
गुलिक काल
13:55 – 15:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4307:41दिन
शनि07:4108:38दिन
गुरु08:3809:36दिन
मंगल09:3610:34दिन
सूर्य10:3411:31दिन
शुक्र11:3112:29दिन
बुध12:2913:27दिन
चंद्र13:2714:24दिन
शनि14:2415:22दिन
गुरु15:2216:20दिन
मंगल16:2017:17दिन
सूर्य17:1718:15दिन
शुक्र18:1519:17रात
बुध19:1720:19रात
चंद्र20:1921:22रात
शनि21:2222:24रात
गुरु22:2423:26रात
मंगल23:2600:28रात
सूर्य00:2801:31रात
शुक्र01:3102:33रात
बुध02:3303:35रात
चंद्र03:3504:37रात
शनि04:3705:40रात
गुरु05:4006:42रात

अयनांश 24.2365° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।