20 मार्च 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

शनिवार, 20 मार्च 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 मार्च 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (20:45 तक), नक्षत्र मघा (23:44 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 09:23 से 10:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 18:27
रात 06:20 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:45 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:21 – 07:52टालें
शुभ07:52 – 09:23शुभ
रोग09:23 – 10:53टालें
उद्वेग10:53 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:26शुभ
अमृत15:26 – 16:57शुभ
काल16:57 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:27 – 19:56शुभ
उद्वेग19:56 – 21:25टालें
शुभ21:25 – 22:55शुभ
अमृत22:55 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:53सामान्य
रोग01:53 – 03:22टालें
काल03:22 – 04:51टालें
लाभ04:51 – 06:20शुभ

20 मार्च 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:45 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:22, 21 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 23:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:07, 21 मार्च तक
योग
धृति 20:05 तक
शूलअशुभ 16:58, 21 मार्च तक
करण
कौलव 10:01 तक
तैतिल 20:45 तक
गर 07:32, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
16:23
चंद्रास्त
04:48
दिनमान
12h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:23 – 10:53
यमगंड
13:55 – 15:26
गुलिक काल
06:21 – 07:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2107:21दिन
गुरु07:2108:22दिन
मंगल08:2209:23दिन
सूर्य09:2310:23दिन
शुक्र10:2311:24दिन
बुध11:2412:24दिन
चंद्र12:2413:25दिन
शनि13:2514:25दिन
गुरु14:2515:26दिन
मंगल15:2616:26दिन
सूर्य16:2617:27दिन
शुक्र17:2718:27दिन
बुध18:2719:27रात
चंद्र19:2720:26रात
शनि20:2621:25रात
गुरु21:2522:25रात
मंगल22:2523:24रात
सूर्य23:2400:24रात
शुक्र00:2401:23रात
बुध01:2302:22रात
चंद्र02:2203:22रात
शनि03:2204:21रात
गुरु04:2105:20रात
मंगल05:2006:20रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।