16 नवंबर 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 16 नवंबर 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 नवंबर 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (03:42, 17 नव॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (04:42, 17 नव॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 14:40 से 16:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 17:20
रात 06:43 तक
तिथि
तृतीया, 03:42 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा, 04:42 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:42 – 08:02टालें
उद्वेग08:02 – 09:21टालें
चर09:21 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:01शुभ
अमृत12:01 – 13:21शुभ
काल13:21 – 14:40टालें
शुभ14:40 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:20 – 19:00टालें
लाभ19:00 – 20:41शुभ
उद्वेग20:41 – 22:21टालें
शुभ22:21 – 00:01शुभ
अमृत00:01 – 01:42शुभ
चर01:42 – 03:22सामान्य
रोग03:22 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:43टालें

16 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 03:42, 17 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 01:35, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 04:42, 17 नव॰ तक
आर्द्रा 03:18, 18 नव॰ तक
योग
शिव 12:39 तक
सिद्ध 09:48, 17 नव॰ तक
करण
वणिज 16:43 तक
विष्टि (भद्रा) 03:42, 17 नव॰ तक
बव 14:39, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 17:23 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
19:07
चंद्रास्त
08:55
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
14:40 – 16:00
यमगंड
09:21 – 10:41
गुलिक काल
12:01 – 13:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4207:35दिन
सूर्य07:3508:28दिन
शुक्र08:2809:21दिन
बुध09:2110:15दिन
चंद्र10:1511:08दिन
शनि11:0812:01दिन
गुरु12:0112:54दिन
मंगल12:5413:47दिन
सूर्य13:4714:40दिन
शुक्र14:4015:33दिन
बुध15:3316:27दिन
चंद्र16:2717:20दिन
शनि17:2018:27रात
गुरु18:2719:34रात
मंगल19:3420:41रात
सूर्य20:4121:47रात
शुक्र21:4722:54रात
बुध22:5400:01रात
चंद्र00:0101:08रात
शनि01:0802:15रात
गुरु02:1503:22रात
मंगल03:2204:29रात
सूर्य04:2905:36रात
शुक्र05:3606:43रात

अयनांश 24.2464° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।