23 नवंबर 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 23 नवंबर 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 नवंबर 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (13:45 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (19:43 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 14:40 से 15:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 17:17
रात 06:49 तक
तिथि
दशमी, 13:45 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 19:43 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:48 – 08:06टालें
उद्वेग08:06 – 09:25टालें
चर09:25 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:21शुभ
काल13:21 – 14:40टालें
शुभ14:40 – 15:58शुभ
रोग15:58 – 17:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:17 – 18:59टालें
लाभ18:59 – 20:40शुभ
उद्वेग20:40 – 22:21टालें
शुभ22:21 – 00:03शुभ
अमृत00:03 – 01:44शुभ
चर01:44 – 03:26सामान्य
रोग03:26 – 05:07टालें
काल05:07 – 06:49टालें

23 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 13:45 तक
कृष्ण एकादशी 12:11, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:53, 24 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:08 तक
प्रीति 11:40, 24 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:45 तक
बव 00:57, 24 नव॰ तक
बालव 12:11, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
01:44
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
14:40 – 15:58
यमगंड
09:25 – 10:44
गुलिक काल
12:02 – 13:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4807:40दिन
सूर्य07:4008:33दिन
शुक्र08:3309:25दिन
बुध09:2510:18दिन
चंद्र10:1811:10दिन
शनि11:1012:02दिन
गुरु12:0212:55दिन
मंगल12:5513:47दिन
सूर्य13:4714:40दिन
शुक्र14:4015:32दिन
बुध15:3216:25दिन
चंद्र16:2517:17दिन
शनि17:1718:25रात
गुरु18:2519:32रात
मंगल19:3220:40रात
सूर्य20:4021:48रात
शुक्र21:4822:55रात
बुध22:5500:03रात
चंद्र00:0301:10रात
शनि01:1002:18रात
गुरु02:1803:26रात
मंगल03:2604:33रात
सूर्य04:3305:41रात
शुक्र05:4106:49रात

अयनांश 24.2467° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।