29 नवंबर 2027 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 29 नवंबर 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 29 नवंबर 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (09:13 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (19:47 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 08:11 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 17:16
रात 06:53 तक
तिथि
द्वितीया
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 19:47 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:53 – 08:11शुभ
काल08:11 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:22टालें
चर13:22 – 14:40सामान्य
लाभ14:40 – 15:58शुभ
अमृत15:58 – 17:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:16 – 18:58सामान्य
रोग18:58 – 20:40टालें
काल20:40 – 22:23टालें
लाभ22:23 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:47टालें
शुभ01:47 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 05:11शुभ
चर05:11 – 06:53सामान्य

29 नवंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 09:13 तक
शुक्ल द्वितीया 10:08, 30 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:29, 30 नव॰ तक
योग
धृति 02:30, 30 नव॰ तक
शूलअशुभ 02:22, 1 दिस॰ तक
करण
बव 09:13 तक
बालव 21:36 तक
कौलव 10:08, 30 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
18:06
दिनमान
10h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:25

अशुभ समय

राहुकाल
08:11 – 09:29
यमगंड
10:46 – 12:04
गुलिक काल
13:22 – 14:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5307:45दिन
शनि07:4508:37दिन
गुरु08:3709:29दिन
मंगल09:2910:20दिन
सूर्य10:2011:12दिन
शुक्र11:1212:04दिन
बुध12:0412:56दिन
चंद्र12:5613:48दिन
शनि13:4814:40दिन
गुरु14:4015:32दिन
मंगल15:3216:24दिन
सूर्य16:2417:16दिन
शुक्र17:1618:24रात
बुध18:2419:32रात
चंद्र19:3220:40रात
शनि20:4021:49रात
गुरु21:4922:57रात
मंगल22:5700:05रात
सूर्य00:0501:13रात
शुक्र01:1302:21रात
बुध02:2103:29रात
चंद्र03:2904:37रात
शनि04:3705:45रात
गुरु05:4506:53रात

अयनांश 24.2469° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।