26 मार्च 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 26 मार्च 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 मार्च 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (10:01 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (19:39 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 16:59 से 18:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:32
रात 06:11 तक
तिथि
अमावस्या, 10:01 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 19:39 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:13 – 07:45टालें
चर07:45 – 09:17सामान्य
लाभ09:17 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:54टालें
शुभ13:54 – 15:27शुभ
रोग15:27 – 16:59टालें
उद्वेग16:59 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:32 – 19:59शुभ
अमृत19:59 – 21:27शुभ
चर21:27 – 22:54सामान्य
रोग22:54 – 00:22टालें
काल00:22 – 01:49टालें
लाभ01:49 – 03:16शुभ
उद्वेग03:16 – 04:44टालें
शुभ04:44 – 06:11शुभ

26 मार्च 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 10:01 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:43, 27 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 21:46, 27 मार्च तक
योग
ब्रह्म 03:48, 27 मार्च तक
इंद्र 03:52, 28 मार्च तक
करण
नाग 10:01 तक
किंस्तुघ्न 22:55 तक
बव 11:43, 27 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
05:55
चंद्रास्त
18:49
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
16:59 – 18:32
यमगंड
12:22 – 13:54
गुलिक काल
15:27 – 16:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1307:14दिन
शुक्र07:1408:16दिन
बुध08:1609:17दिन
चंद्र09:1710:19दिन
शनि10:1911:21दिन
गुरु11:2112:22दिन
मंगल12:2213:24दिन
सूर्य13:2414:25दिन
शुक्र14:2515:27दिन
बुध15:2716:28दिन
चंद्र16:2817:30दिन
शनि17:3018:32दिन
गुरु18:3219:30रात
मंगल19:3020:28रात
सूर्य20:2821:27रात
शुक्र21:2722:25रात
बुध22:2523:23रात
चंद्र23:2300:22रात
शनि00:2201:20रात
गुरु01:2002:18रात
मंगल02:1803:16रात
सूर्य03:1604:15रात
शुक्र04:1505:13रात
बुध05:1306:11रात

अयनांश 24.2514° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।