23 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

रविवार, 23 अप्रैल 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 23 अप्रैल 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (00:21, 24 अप्रैल तक), नक्षत्र रेवती (04:27, 24 अप्रैल तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 17:10 से 18:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:49
रात 05:40 तक
तिथि
चतुर्दशी, 00:21 तक
अमावस्या
नक्षत्र
रेवती, 04:27 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:41 – 07:19टालें
चर07:19 – 08:58सामान्य
लाभ08:58 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 12:15शुभ
काल12:15 – 13:53टालें
शुभ13:53 – 15:32शुभ
रोग15:32 – 17:10टालें
उद्वेग17:10 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:49 – 20:10शुभ
अमृत20:10 – 21:32शुभ
चर21:32 – 22:53सामान्य
रोग22:53 – 00:14टालें
काल00:14 – 01:36टालें
लाभ01:36 – 02:57शुभ
उद्वेग02:57 – 04:18टालें
शुभ04:18 – 05:40शुभ

23 अप्रैल 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 00:21, 24 अप्रैल तक
अमावस्या 01:16, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 04:27, 24 अप्रैल तक
अश्विनी 05:54, 25 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 10:23 तक
विष्कंभअशुभ 10:18, 24 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:42 तक
शकुनि 00:21, 24 अप्रैल तक
चतुष्पद 12:52, 24 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मीन 04:27, 24 अप्रैल तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
04:25
चंद्रास्त
17:37
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
17:10 – 18:49
यमगंड
12:15 – 13:53
गुलिक काल
15:32 – 17:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4106:46दिन
शुक्र06:4607:52दिन
बुध07:5208:58दिन
चंद्र08:5810:03दिन
शनि10:0311:09दिन
गुरु11:0912:15दिन
मंगल12:1513:20दिन
सूर्य13:2014:26दिन
शुक्र14:2615:32दिन
बुध15:3216:37दिन
चंद्र16:3717:43दिन
शनि17:4318:49दिन
गुरु18:4919:43रात
मंगल19:4320:37रात
सूर्य20:3721:32रात
शुक्र21:3222:26रात
बुध22:2623:20रात
चंद्र23:2000:14रात
शनि00:1401:09रात
गुरु01:0902:03रात
मंगल02:0302:57रात
सूर्य02:5703:51रात
शुक्र03:5104:46रात
बुध04:4605:40रात

अयनांश 24.2525° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।