28 सितंबर 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 28 सितंबर 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 सितंबर 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:55 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (07:18 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 18:05
रात 06:09 तक
तिथि
दशमी, 09:55 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:08 – 07:38शुभ
रोग07:38 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:37टालें
चर10:37 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:06शुभ
काल15:06 – 16:36टालें
शुभ16:36 – 18:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:05 – 19:36शुभ
चर19:36 – 21:06सामान्य
रोग21:06 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:07टालें
लाभ00:07 – 01:37शुभ
उद्वेग01:37 – 03:08टालें
शुभ03:08 – 04:38शुभ
अमृत04:38 – 06:09शुभ

28 सितंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:55 तक
शुक्ल एकादशी 12:07, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 10:00, 29 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 05:43, 29 सित॰ तक
धृति 06:34, 30 सित॰ तक
करण
गर 09:55 तक
वणिज 22:59 तक
विष्टि (भद्रा) 12:07, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
15:07
चंद्रास्त
01:14
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:06
यमगंड
06:08 – 07:38
गुलिक काल
09:07 – 10:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0807:08दिन
मंगल07:0808:08दिन
सूर्य08:0809:07दिन
शुक्र09:0710:07दिन
बुध10:0711:07दिन
चंद्र11:0712:07दिन
शनि12:0713:06दिन
गुरु13:0614:06दिन
मंगल14:0615:06दिन
सूर्य15:0616:06दिन
शुक्र16:0617:05दिन
बुध17:0518:05दिन
चंद्र18:0519:05रात
शनि19:0520:06रात
गुरु20:0621:06रात
मंगल21:0622:06रात
सूर्य22:0623:07रात
शुक्र23:0700:07रात
बुध00:0701:07रात
चंद्र01:0702:08रात
शनि02:0803:08रात
गुरु03:0804:08रात
मंगल04:0805:08रात
सूर्य05:0806:09रात

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।