31 अक्टूबर 2028 को ऋषिकेश का चौघड़िया

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2028 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (11:09 तक), नक्षत्र रेवती (06:54, 1 नव॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:30 पर है। राहुकाल 14:45 से 16:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:30
रात 06:30 तक
तिथि
त्रयोदशी, 11:09 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:30 – 07:52टालें
उद्वेग07:52 – 09:15टालें
चर09:15 – 10:37सामान्य
लाभ10:37 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:22शुभ
काल13:22 – 14:45टालें
शुभ14:45 – 16:07शुभ
रोग16:07 – 17:30टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:30 – 19:07टालें
लाभ19:07 – 20:45शुभ
उद्वेग20:45 – 22:23टालें
शुभ22:23 – 00:00शुभ
अमृत00:00 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:15सामान्य
रोग03:15 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:30टालें

31 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 11:09 तक
शुक्ल चतुर्दशी 13:08, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:54, 1 नव॰ तक
योग
हर्षण 15:48 तक
वज्रअशुभ 16:14, 1 नव॰ तक
करण
तैतिल 11:09 तक
गर 00:11, 1 नव॰ तक
वणिज 13:08, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:30
चंद्रोदय
16:03
चंद्रास्त
04:30
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
14:45 – 16:07
यमगंड
09:15 – 10:37
गुलिक काल
12:00 – 13:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3007:25दिन
सूर्य07:2508:20दिन
शुक्र08:2009:15दिन
बुध09:1510:10दिन
चंद्र10:1011:05दिन
शनि11:0512:00दिन
गुरु12:0012:55दिन
मंगल12:5513:50दिन
सूर्य13:5014:45दिन
शुक्र14:4515:40दिन
बुध15:4016:35दिन
चंद्र16:3517:30दिन
शनि17:3018:35रात
गुरु18:3519:40रात
मंगल19:4020:45रात
सूर्य20:4521:50रात
शुक्र21:5022:55रात
बुध22:5500:00रात
चंद्र00:0001:05रात
शनि01:0502:10रात
गुरु02:1003:15रात
मंगल03:1504:20रात
सूर्य04:2005:25रात
शुक्र05:2506:30रात

अयनांश 24.2598° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।