10 मई 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 10 मई 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 मई 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (12:30 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (06:28 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:00
रात 05:25 तक
तिथि
द्वादशी, 12:30 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:26 – 07:08शुभ
रोग07:08 – 08:50टालें
उद्वेग08:50 – 10:31टालें
चर10:31 – 12:13सामान्य
लाभ12:13 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:36शुभ
काल15:36 – 17:18टालें
शुभ17:18 – 19:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:00 – 20:18शुभ
चर20:18 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 22:54टालें
काल22:54 – 00:13टालें
लाभ00:13 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 02:49टालें
शुभ02:49 – 04:07शुभ
अमृत04:07 – 05:25शुभ

10 मई 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 12:30 तक
कृष्ण त्रयोदशी 14:54, 11 मई तक
नक्षत्र
रेवती 09:27, 11 मई तक
योग
विष्कंभअशुभ 08:50 तक
प्रीति 09:47, 11 मई तक
करण
तैतिल 12:30 तक
गर 01:43, 11 मई तक
वणिज 14:54, 11 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
03:11
चंद्रास्त
16:18
दिनमान
13h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:36
यमगंड
05:26 – 07:08
गुलिक काल
08:50 – 10:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2606:34दिन
मंगल06:3407:42दिन
सूर्य07:4208:50दिन
शुक्र08:5009:57दिन
बुध09:5711:05दिन
चंद्र11:0512:13दिन
शनि12:1313:21दिन
गुरु13:2114:29दिन
मंगल14:2915:36दिन
सूर्य15:3616:44दिन
शुक्र16:4417:52दिन
बुध17:5219:00दिन
चंद्र19:0019:52रात
शनि19:5220:44रात
गुरु20:4421:36रात
मंगल21:3622:28रात
सूर्य22:2823:20रात
शुक्र23:2000:13रात
बुध00:1301:05रात
चंद्र01:0501:57रात
शनि01:5702:49रात
गुरु02:4903:41रात
मंगल03:4104:33रात
सूर्य04:3305:25रात

अयनांश 24.2671° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।