27 अगस्त 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

सोमवार, 27 अगस्त 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 अगस्त 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (11:35 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (12:56 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 05:50 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 07:27 से 09:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:50 – 18:45
रात 05:51 तक
तिथि
तृतीया, 11:35 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 12:56 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:50 – 07:27शुभ
काल07:27 – 09:04टालें
शुभ09:04 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:18टालें
उद्वेग12:18 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 17:08शुभ
अमृत17:08 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:08सामान्य
रोग20:08 – 21:31टालें
काल21:31 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:18शुभ
उद्वेग00:18 – 01:41टालें
शुभ01:41 – 03:04शुभ
अमृत03:04 – 04:28शुभ
चर04:28 – 05:51सामान्य

27 अगस्त 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 11:35 तक
कृष्ण चतुर्थी 13:46, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 15:42, 28 अग॰ तक
योग
शूलअशुभ 19:01 तक
गंडअशुभ 19:50, 28 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:35 तक
बव 00:38, 28 अग॰ तक
बालव 13:46, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:50
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
20:14
चंद्रास्त
08:37
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:22 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
07:27 – 09:04
यमगंड
10:41 – 12:18
गुलिक काल
13:54 – 15:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5006:55दिन
शनि06:5507:59दिन
गुरु07:5909:04दिन
मंगल09:0410:09दिन
सूर्य10:0911:13दिन
शुक्र11:1312:18दिन
बुध12:1813:22दिन
चंद्र13:2214:27दिन
शनि14:2715:31दिन
गुरु15:3116:36दिन
मंगल16:3617:40दिन
सूर्य17:4018:45दिन
शुक्र18:4519:40रात
बुध19:4020:36रात
चंद्र20:3621:31रात
शनि21:3122:27रात
गुरु22:2723:22रात
मंगल23:2200:18रात
सूर्य00:1801:13रात
शुक्र01:1302:09रात
बुध02:0903:04रात
चंद्र03:0404:00रात
शनि04:0004:55रात
गुरु04:5505:51रात

अयनांश 24.2713° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।