30 अगस्त 2029 को ऋषिकेश का चौघड़िया

गुरुवार, 30 अगस्त 2029, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 अगस्त 2029 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:41 तक), नक्षत्र भरणी (21:42 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 13:53 से 15:29 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 18:41
रात 05:53 तक
तिथि
षष्ठी, 18:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 21:42 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:52 – 07:28शुभ
रोग07:28 – 09:04टालें
उद्वेग09:04 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:17सामान्य
लाभ12:17 – 13:53शुभ
अमृत13:53 – 15:29शुभ
काल15:29 – 17:05टालें
शुभ17:05 – 18:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:41 – 20:05शुभ
चर20:05 – 21:29सामान्य
रोग21:29 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:17टालें
लाभ00:17 – 01:41शुभ
उद्वेग01:41 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 05:53शुभ

30 अगस्त 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:41 तक
कृष्ण सप्तमी 21:01, 31 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 21:42 तक
कृत्तिका 00:33, 1 सित॰ तक
योग
ध्रुव 21:47 तक
व्याघातअशुभ 22:37, 31 अग॰ तक
करण
वणिज 18:41 तक
विष्टि (भद्रा) 07:53, 31 अग॰ तक
चंद्र राशि
मेष 04:27, 31 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
21:59
चंद्रास्त
11:19
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
13:53 – 15:29
यमगंड
05:52 – 07:28
गुलिक काल
09:04 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5206:56दिन
मंगल06:5608:00दिन
सूर्य08:0009:04दिन
शुक्र09:0410:08दिन
बुध10:0811:13दिन
चंद्र11:1312:17दिन
शनि12:1713:21दिन
गुरु13:2114:25दिन
मंगल14:2515:29दिन
सूर्य15:2916:33दिन
शुक्र16:3317:37दिन
बुध17:3718:41दिन
चंद्र18:4119:37रात
शनि19:3720:33रात
गुरु20:3321:29रात
मंगल21:2922:25रात
सूर्य22:2523:21रात
शुक्र23:2100:17रात
बुध00:1701:13रात
चंद्र01:1302:09रात
शनि02:0903:05रात
गुरु03:0504:01रात
मंगल04:0104:57रात
सूर्य04:5705:53रात

अयनांश 24.2714° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।