17 अक्टूबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (08:42 तक), नक्षत्र मघा (11:27 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:24
रात 05:52 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 11:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:52 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 08:45शुभ
अमृत08:45 – 10:11शुभ
काल10:11 – 11:38टालें
शुभ11:38 – 13:04शुभ
रोग13:04 – 14:31टालें
उद्वेग14:31 – 15:57टालें
चर15:57 – 17:24सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:24 – 18:58टालें
काल18:58 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 22:05शुभ
उद्वेग22:05 – 23:38टालें
शुभ23:38 – 01:12शुभ
अमृत01:12 – 02:45शुभ
चर02:45 – 04:19सामान्य
रोग04:19 – 05:52टालें

17 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 08:42 तक
कृष्ण द्वादशी 09:49, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी 13:11, 18 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 23:18 तक
ब्रह्म 23:18, 18 अक्टू॰ तक
करण
बालव 08:42 तक
कौलव 21:12 तक
तैतिल 09:49, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
02:09
चंद्रास्त
15:09
दिनमान
11h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:38
यमगंड
14:31 – 15:57
गुलिक काल
07:18 – 08:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5206:49दिन
बुध06:4907:47दिन
चंद्र07:4708:45दिन
शनि08:4509:42दिन
गुरु09:4210:40दिन
मंगल10:4011:38दिन
सूर्य11:3812:35दिन
शुक्र12:3513:33दिन
बुध13:3314:31दिन
चंद्र14:3115:29दिन
शनि15:2916:26दिन
गुरु16:2617:24दिन
मंगल17:2418:26रात
सूर्य18:2619:29रात
शुक्र19:2920:31रात
बुध20:3121:33रात
चंद्र21:3322:36रात
शनि22:3623:38रात
गुरु23:3800:40रात
मंगल00:4001:43रात
सूर्य01:4302:45रात
शुक्र02:4503:47रात
बुध03:4704:50रात
चंद्र04:5005:52रात

अयनांश 24.2174° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।