1 नवंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

शनिवार, 1 नवंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 1 नवंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (06:42 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:50 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:12 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:12
रात 06:00 तक
तिथि
एकादशी, 05:02 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 15:50 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:00 – 07:24टालें
शुभ07:24 – 08:48शुभ
रोग08:48 – 10:12टालें
उद्वेग10:12 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:00सामान्य
लाभ13:00 – 14:24शुभ
अमृत14:24 – 15:48शुभ
काल15:48 – 17:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:12 – 18:48शुभ
उद्वेग18:48 – 20:24टालें
शुभ20:24 – 22:00शुभ
अमृत22:00 – 23:36शुभ
चर23:36 – 01:12सामान्य
रोग01:12 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:24टालें
लाभ04:24 – 06:00शुभ

1 नवंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 06:42 तक
शुक्ल एकादशी 05:02, 2 नव॰ तक
शुक्ल द्वादशी 02:37, 3 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:50 तक
योग
ध्रुव 23:39 तक
व्याघातअशुभ 20:40, 2 नव॰ तक
करण
गर 06:42 तक
वणिज 17:58 तक
विष्टि (भद्रा) 05:02, 2 नव॰ तक
बव 15:55, 2 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:12
चंद्रोदय
14:21
चंद्रास्त
01:24
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:09
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:12
यमगंड
13:00 – 14:24
गुलिक काल
06:00 – 07:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0006:56दिन
गुरु06:5607:52दिन
मंगल07:5208:48दिन
सूर्य08:4809:44दिन
शुक्र09:4410:40दिन
बुध10:4011:36दिन
चंद्र11:3612:32दिन
शनि12:3213:28दिन
गुरु13:2814:24दिन
मंगल14:2415:20दिन
सूर्य15:2016:16दिन
शुक्र16:1617:12दिन
बुध17:1218:16रात
चंद्र18:1619:20रात
शनि19:2020:24रात
गुरु20:2421:28रात
मंगल21:2822:32रात
सूर्य22:3223:36रात
शुक्र23:3600:40रात
बुध00:4001:44रात
चंद्र01:4402:48रात
शनि02:4803:52रात
गुरु03:5204:56रात
मंगल04:5606:00रात

अयनांश 24.2179° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।