30 दिसंबर 2025 को रियाद का चौघड़िया

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (02:31, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र भरणी (01:28, 31 दिस॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 14:35 से 15:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:14
रात 06:37 तक
तिथि
एकादशी, 02:31 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 01:28 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 07:56टालें
उद्वेग07:56 – 09:16टालें
चर09:16 – 10:35सामान्य
लाभ10:35 – 11:55शुभ
अमृत11:55 – 13:15शुभ
काल13:15 – 14:35टालें
शुभ14:35 – 15:54शुभ
रोग15:54 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:14 – 18:54टालें
लाभ18:54 – 20:35शुभ
उद्वेग20:35 – 22:15टालें
शुभ22:15 – 23:55शुभ
अमृत23:55 – 01:36शुभ
चर01:36 – 03:16सामान्य
रोग03:16 – 04:56टालें
काल04:56 – 06:37टालें

30 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:31, 31 दिस॰ तक
शुक्ल द्वादशी 23:18, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
भरणी 01:28, 31 दिस॰ तक
कृत्तिका 23:00, 31 दिस॰ तक
योग
सिद्ध 22:32 तक
साध्य 18:43, 31 दिस॰ तक
करण
वणिज 15:59 तक
विष्टि (भद्रा) 02:31, 31 दिस॰ तक
बव 12:56, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
13:16
चंद्रास्त
02:02
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
14:35 – 15:54
यमगंड
09:16 – 10:35
गुलिक काल
11:55 – 13:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:29दिन
सूर्य07:2908:23दिन
शुक्र08:2309:16दिन
बुध09:1610:09दिन
चंद्र10:0911:02दिन
शनि11:0211:55दिन
गुरु11:5512:48दिन
मंगल12:4813:41दिन
सूर्य13:4114:35दिन
शुक्र14:3515:28दिन
बुध15:2816:21दिन
चंद्र16:2117:14दिन
शनि17:1418:21रात
गुरु18:2119:28रात
मंगल19:2820:35रात
सूर्य20:3521:42रात
शुक्र21:4222:48रात
बुध22:4823:55रात
चंद्र23:5501:02रात
शनि01:0202:09रात
गुरु02:0903:16रात
मंगल03:1604:23रात
सूर्य04:2305:30रात
शुक्र05:3006:37रात

अयनांश 24.2202° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।