31 अक्टूबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:27 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (03:09, 1 नव॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 08:47 से 10:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 17:13
रात 06:00 तक
तिथि
षष्ठी, 14:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 03:09 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:59 – 07:23टालें
शुभ07:23 – 08:47शुभ
रोग08:47 – 10:12टालें
उद्वेग10:12 – 11:36टालें
चर11:36 – 13:00सामान्य
लाभ13:00 – 14:25शुभ
अमृत14:25 – 15:49शुभ
काल15:49 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:13 – 18:49शुभ
उद्वेग18:49 – 20:25टालें
शुभ20:25 – 22:01शुभ
अमृत22:01 – 23:36शुभ
चर23:36 – 01:12सामान्य
रोग01:12 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:24टालें
लाभ04:24 – 06:00शुभ

31 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:27 तक
कृष्ण सप्तमी 12:22, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 03:09, 1 नव॰ तक
पुष्य 02:00, 2 नव॰ तक
योग
सिद्ध 15:01 तक
साध्य 12:09, 1 नव॰ तक
करण
वणिज 14:27 तक
विष्टि (भद्रा) 01:22, 1 नव॰ तक
बव 12:22, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 21:30 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
11:24
दिनमान
11h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 11:59

अशुभ समय

राहुकाल
08:47 – 10:12
यमगंड
13:00 – 14:25
गुलिक काल
05:59 – 07:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5906:55दिन
गुरु06:5507:51दिन
मंगल07:5108:47दिन
सूर्य08:4709:44दिन
शुक्र09:4410:40दिन
बुध10:4011:36दिन
चंद्र11:3612:32दिन
शनि12:3213:28दिन
गुरु13:2814:25दिन
मंगल14:2515:21दिन
सूर्य15:2116:17दिन
शुक्र16:1717:13दिन
बुध17:1318:17रात
चंद्र18:1719:21रात
शनि19:2120:25रात
गुरु20:2521:29रात
मंगल21:2922:33रात
सूर्य22:3323:36रात
शुक्र23:3600:40रात
बुध00:4001:44रात
चंद्र01:4402:48रात
शनि02:4803:52रात
गुरु03:5204:56रात
मंगल04:5606:00रात

अयनांश 24.2319° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।