20 नवंबर 2026 को रियाद का चौघड़िया

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (04:01, 21 नव॰ तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (04:20, 21 नव॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 17:04 पर है। राहुकाल 10:17 से 11:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 17:04
रात 06:13 तक
तिथि
एकादशी, 04:01 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 04:20 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:12 – 07:34सामान्य
लाभ07:34 – 08:55शुभ
अमृत08:55 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:38टालें
शुभ11:38 – 13:00शुभ
रोग13:00 – 14:21टालें
उद्वेग14:21 – 15:43टालें
चर15:43 – 17:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:04 – 18:43टालें
काल18:43 – 20:21टालें
लाभ20:21 – 22:00शुभ
उद्वेग22:00 – 23:38टालें
शुभ23:38 – 01:17शुभ
अमृत01:17 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:34सामान्य
रोग04:34 – 06:13टालें

20 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 04:01, 21 नव॰ तक
शुक्ल द्वादशी 02:26, 22 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 04:20, 21 नव॰ तक
रेवती 03:25, 22 नव॰ तक
योग
वज्रअशुभ 02:25, 21 नव॰ तक
सिद्धि 00:00, 22 नव॰ तक
करण
वणिज 16:30 तक
विष्टि (भद्रा) 04:01, 21 नव॰ तक
बव 15:20, 21 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
17:04
चंद्रोदय
13:53
चंद्रास्त
01:39
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
10:17 – 11:38
यमगंड
14:21 – 15:43
गुलिक काल
07:34 – 08:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1207:06दिन
बुध07:0608:01दिन
चंद्र08:0108:55दिन
शनि08:5509:49दिन
गुरु09:4910:44दिन
मंगल10:4411:38दिन
सूर्य11:3812:32दिन
शुक्र12:3213:27दिन
बुध13:2714:21दिन
चंद्र14:2115:15दिन
शनि15:1516:10दिन
गुरु16:1017:04दिन
मंगल17:0418:10रात
सूर्य18:1019:16रात
शुक्र19:1620:21रात
बुध20:2121:27रात
चंद्र21:2722:33रात
शनि22:3323:38रात
गुरु23:3800:44रात
मंगल00:4401:50रात
सूर्य01:5002:56रात
शुक्र02:5604:01रात
बुध04:0105:07रात
चंद्र05:0706:13रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।