3 मार्च 2027 को रियाद का चौघड़िया

बुधवार, 3 मार्च 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

बुधवार, 3 मार्च 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (04:54, 4 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (20:04 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 12:05 से 13:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:56
रात 06:13 तक
तिथि
एकादशी, 04:54 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 20:04 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:14 – 07:42शुभ
अमृत07:42 – 09:09शुभ
काल09:09 – 10:37टालें
शुभ10:37 – 12:05शुभ
रोग12:05 – 13:33टालें
उद्वेग13:33 – 15:00टालें
चर15:00 – 16:28सामान्य
लाभ16:28 – 17:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:56 – 19:28टालें
शुभ19:28 – 21:00शुभ
अमृत21:00 – 22:32शुभ
चर22:32 – 00:04सामान्य
रोग00:04 – 01:36टालें
काल01:36 – 03:09टालें
लाभ03:09 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:13टालें

3 मार्च 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 04:54, 4 मार्च तक
कृष्ण द्वादशी 07:24, 5 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:05, 4 मार्च तक
योग
व्यतीपातअशुभ 22:36 तक
वरीयान 23:30, 4 मार्च तक
करण
बव 15:35 तक
बालव 04:54, 4 मार्च तक
कौलव 18:11, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 02:50, 4 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
02:59
चंद्रास्त
13:37
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:05 – 13:33
यमगंड
07:42 – 09:09
गुलिक काल
10:37 – 12:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1407:12दिन
चंद्र07:1208:11दिन
शनि08:1109:09दिन
गुरु09:0910:08दिन
मंगल10:0811:06दिन
सूर्य11:0612:05दिन
शुक्र12:0513:03दिन
बुध13:0314:02दिन
चंद्र14:0215:00दिन
शनि15:0015:59दिन
गुरु15:5916:57दिन
मंगल16:5717:56दिन
सूर्य17:5618:57रात
शुक्र18:5719:59रात
बुध19:5921:00रात
चंद्र21:0022:01रात
शनि22:0123:03रात
गुरु23:0300:04रात
मंगल00:0401:06रात
सूर्य01:0602:07रात
शुक्र02:0703:09रात
बुध03:0904:10रात
चंद्र04:1005:11रात
शनि05:1106:13रात

अयनांश 24.2366° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।