17 अप्रैल 2027 को रियाद का चौघड़िया

शनिवार, 17 अप्रैल 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 17 अप्रैल 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:58 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:36, 18 अप्रैल तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 08:41 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 18:16
रात 05:28 तक
तिथि
द्वादशी, 05:12 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:36 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:29 – 07:05टालें
शुभ07:05 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:17टालें
उद्वेग10:17 – 11:52टालें
चर11:52 – 13:28सामान्य
लाभ13:28 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:40शुभ
काल16:40 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:16 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 21:04टालें
शुभ21:04 – 22:28शुभ
अमृत22:28 – 23:52शुभ
चर23:52 – 01:16सामान्य
रोग01:16 – 02:40टालें
काल02:40 – 04:04टालें
लाभ04:04 – 05:28शुभ

17 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:58 तक
शुक्ल द्वादशी 05:12, 18 अप्रैल तक
शुक्ल त्रयोदशी 03:38, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 03:36, 18 अप्रैल तक
उत्तरा फाल्गुनी 02:45, 19 अप्रैल तक
योग
वृद्धि 21:54 तक
ध्रुव 19:28, 18 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:58 तक
बव 18:04 तक
बालव 05:12, 18 अप्रैल तक
कौलव 16:24, 18 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
15:00
चंद्रास्त
02:57
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
08:41 – 10:17
यमगंड
13:28 – 15:04
गुलिक काल
05:29 – 07:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2906:33दिन
गुरु06:3307:37दिन
मंगल07:3708:41दिन
सूर्य08:4109:45दिन
शुक्र09:4510:49दिन
बुध10:4911:52दिन
चंद्र11:5212:56दिन
शनि12:5614:00दिन
गुरु14:0015:04दिन
मंगल15:0416:08दिन
सूर्य16:0817:12दिन
शुक्र17:1218:16दिन
बुध18:1619:12रात
चंद्र19:1220:08रात
शनि20:0821:04रात
गुरु21:0422:00रात
मंगल22:0022:56रात
सूर्य22:5623:52रात
शुक्र23:5200:48रात
बुध00:4801:44रात
चंद्र01:4402:40रात
शनि02:4003:36रात
गुरु03:3604:32रात
मंगल04:3205:28रात

अयनांश 24.2383° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।