18 अप्रैल 2027 को रियाद का चौघड़िया

रविवार, 18 अप्रैल 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 18 अप्रैल 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (03:38, 19 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (02:45, 19 अप्रैल तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 16:40 से 18:16 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 18:16
रात 05:28 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:38 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 02:45 तक
हस्त
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:28 – 07:04टालें
चर07:04 – 08:40सामान्य
लाभ08:40 – 10:16शुभ
अमृत10:16 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:28टालें
शुभ13:28 – 15:04शुभ
रोग15:04 – 16:40टालें
उद्वेग16:40 – 18:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:16 – 19:40शुभ
अमृत19:40 – 21:04शुभ
चर21:04 – 22:28सामान्य
रोग22:28 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:16टालें
लाभ01:16 – 02:40शुभ
उद्वेग02:40 – 04:04टालें
शुभ04:04 – 05:28शुभ

18 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 03:38, 19 अप्रैल तक
शुक्ल चतुर्दशी 02:21, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 02:45, 19 अप्रैल तक
हस्त 02:10, 20 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 19:28 तक
व्याघातअशुभ 17:14, 19 अप्रैल तक
करण
कौलव 16:24 तक
तैतिल 03:38, 19 अप्रैल तक
गर 14:57, 19 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सिंह 09:22 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
15:59
चंद्रास्त
03:33
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
16:40 – 18:16
यमगंड
11:52 – 13:28
गुलिक काल
15:04 – 16:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2806:32दिन
शुक्र06:3207:36दिन
बुध07:3608:40दिन
चंद्र08:4009:44दिन
शनि09:4410:48दिन
गुरु10:4811:52दिन
मंगल11:5212:56दिन
सूर्य12:5614:00दिन
शुक्र14:0015:04दिन
बुध15:0416:08दिन
चंद्र16:0817:12दिन
शनि17:1218:16दिन
गुरु18:1619:12रात
मंगल19:1220:08रात
सूर्य20:0821:04रात
शुक्र21:0422:00रात
बुध22:0022:56रात
चंद्र22:5623:52रात
शनि23:5200:48रात
गुरु00:4801:44रात
मंगल01:4402:40रात
सूर्य02:4003:36रात
शुक्र03:3604:32रात
बुध04:3205:28रात

अयनांश 24.2383° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।