22 सितंबर 2025 को राउरकेला का चौघड़िया

सोमवार, 22 सितंबर 2025, राउरकेला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 सितंबर 2025 को राउरकेला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (02:56, 23 सित॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (11:24 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 17:46 पर है। राहुकाल 07:10 से 08:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 17:46
रात 05:39 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:56 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 11:24 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:39 – 07:10शुभ
काल07:10 – 08:41टालें
शुभ08:41 – 10:12शुभ
रोग10:12 – 11:43टालें
उद्वेग11:43 – 13:14टालें
चर13:14 – 14:45सामान्य
लाभ14:45 – 16:15शुभ
अमृत16:15 – 17:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:46 – 19:16सामान्य
रोग19:16 – 20:45टालें
काल20:45 – 22:14टालें
लाभ22:14 – 23:43शुभ
उद्वेग23:43 – 01:12टालें
शुभ01:12 – 02:41शुभ
अमृत02:41 – 04:10शुभ
चर04:10 – 05:39सामान्य

22 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 02:56, 23 सित॰ तक
शुक्ल द्वितीया 04:52, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:40, 23 सित॰ तक
योग
शुक्ल 19:58 तक
ब्रह्म 20:23, 23 सित॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 14:07 तक
बव 02:56, 23 सित॰ तक
बालव 15:51, 23 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
17:46
चंद्रोदय
05:52
चंद्रास्त
18:01
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
07:10 – 08:41
यमगंड
10:12 – 11:43
गुलिक काल
13:14 – 14:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3906:39दिन
शनि06:3907:40दिन
गुरु07:4008:41दिन
मंगल08:4109:41दिन
सूर्य09:4110:42दिन
शुक्र10:4211:43दिन
बुध11:4312:43दिन
चंद्र12:4313:44दिन
शनि13:4414:45दिन
गुरु14:4515:45दिन
मंगल15:4516:46दिन
सूर्य16:4617:46दिन
शुक्र17:4618:46रात
बुध18:4619:45रात
चंद्र19:4520:45रात
शनि20:4521:44रात
गुरु21:4422:43रात
मंगल22:4323:43रात
सूर्य23:4300:42रात
शुक्र00:4201:42रात
बुध01:4202:41रात
चंद्र02:4103:40रात
शनि03:4004:40रात
गुरु04:4005:39रात

अयनांश 24.2164° (लाहिड़ी)। समय राउरकेला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।