2 सितंबर 2028 को राउरकेला का चौघड़िया

शनिवार, 2 सितंबर 2028, राउरकेला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 2 सितंबर 2028 को राउरकेला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (02:52, 3 सित॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:55, 3 सित॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 08:41 से 10:15 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 18:06
रात 05:34 तक
तिथि
चतुर्दशी, 02:52 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:33 – 07:07टालें
शुभ07:07 – 08:41शुभ
रोग08:41 – 10:15टालें
उद्वेग10:15 – 11:49टालें
चर11:49 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:32शुभ
काल16:32 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:24शुभ
अमृत22:24 – 23:50शुभ
चर23:50 – 01:16सामान्य
रोग01:16 – 02:42टालें
काल02:42 – 04:08टालें
लाभ04:08 – 05:34शुभ

2 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 02:52, 3 सित॰ तक
पूर्णिमा 05:17, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 06:55, 3 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 00:24, 3 सित॰ तक
सुकर्मा 01:19, 4 सित॰ तक
करण
गर 13:42 तक
वणिज 02:52, 3 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:04, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 17:28 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
17:02
चंद्रास्त
03:58
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:41 – 10:15
यमगंड
13:24 – 14:58
गुलिक काल
05:33 – 07:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3306:36दिन
गुरु06:3607:39दिन
मंगल07:3908:41दिन
सूर्य08:4109:44दिन
शुक्र09:4410:47दिन
बुध10:4711:49दिन
चंद्र11:4912:52दिन
शनि12:5213:55दिन
गुरु13:5514:58दिन
मंगल14:5816:00दिन
सूर्य16:0017:03दिन
शुक्र17:0318:06दिन
बुध18:0619:03रात
चंद्र19:0320:00रात
शनि20:0020:58रात
गुरु20:5821:55रात
मंगल21:5522:52रात
सूर्य22:5223:50रात
शुक्र23:5000:47रात
बुध00:4701:44रात
चंद्र01:4402:42रात
शनि02:4203:39रात
गुरु03:3904:36रात
मंगल04:3605:34रात

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय राउरकेला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।