27 सितंबर 2028 को राउरकेला का चौघड़िया

बुधवार, 27 सितंबर 2028, राउरकेला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 27 सितंबर 2028 को राउरकेला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:09 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (07:18, 28 सित॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 11:41 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 17:41
रात 05:41 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:40 – 07:10शुभ
अमृत07:10 – 08:41शुभ
काल08:41 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:41शुभ
रोग11:41 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:41टालें
चर14:41 – 16:11सामान्य
लाभ16:11 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:41 – 19:11टालें
शुभ19:11 – 20:41शुभ
अमृत20:41 – 22:11शुभ
चर22:11 – 23:41सामान्य
रोग23:41 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:41टालें

27 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:09 तक
शुक्ल दशमी 09:55, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 07:18, 28 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 05:04, 28 सित॰ तक
सुकर्मा 05:43, 29 सित॰ तक
करण
कौलव 08:09 तक
तैतिल 20:58 तक
गर 09:55, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
धनु 11:33 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
13:48
चंद्रास्त
00:06
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 12:05 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:41 – 13:11
यमगंड
07:10 – 08:41
गुलिक काल
10:11 – 11:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4006:40दिन
चंद्र06:4007:40दिन
शनि07:4008:41दिन
गुरु08:4109:41दिन
मंगल09:4110:41दिन
सूर्य10:4111:41दिन
शुक्र11:4112:41दिन
बुध12:4113:41दिन
चंद्र13:4114:41दिन
शनि14:4115:41दिन
गुरु15:4116:41दिन
मंगल16:4117:41दिन
सूर्य17:4118:41रात
शुक्र18:4119:41रात
बुध19:4120:41रात
चंद्र20:4121:41रात
शनि21:4122:41रात
गुरु22:4123:41रात
मंगल23:4100:41रात
सूर्य00:4101:41रात
शुक्र01:4102:41रात
बुध02:4103:41रात
चंद्र03:4104:41रात
शनि04:4105:41रात

अयनांश 24.2585° (लाहिड़ी)। समय राउरकेला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।