31 मार्च 2025 को सेलम का चौघड़िया

सोमवार, 31 मार्च 2025, सेलम, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 31 मार्च 2025 को सेलम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (09:11 तक), नक्षत्र अश्विनी (13:45 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 07:46 से 09:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 18:28
रात 06:14 तक
तिथि
तृतीया, 05:42 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 13:45 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:14 – 07:46शुभ
काल07:46 – 09:18टालें
शुभ09:18 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:21टालें
उद्वेग12:21 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:25सामान्य
लाभ15:25 – 16:56शुभ
अमृत16:56 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:28 – 19:56सामान्य
रोग19:56 – 21:24टालें
काल21:24 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:21शुभ
उद्वेग00:21 – 01:49टालें
शुभ01:49 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:45शुभ
चर04:45 – 06:14सामान्य

31 मार्च 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 09:11 तक
शुक्ल तृतीया 05:42, 1 अप्रैल तक
शुक्ल चतुर्थी 02:32, 2 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 11:06, 1 अप्रैल तक
योग
वैधृतिअशुभ 13:45 तक
विष्कंभअशुभ 09:48, 1 अप्रैल तक
करण
कौलव 09:11 तक
तैतिल 19:25 तक
गर 05:42, 1 अप्रैल तक
वणिज 16:05, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
07:31
चंद्रास्त
20:28
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
07:46 – 09:18
यमगंड
10:49 – 12:21
गुलिक काल
13:53 – 15:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1407:15दिन
शनि07:1508:17दिन
गुरु08:1709:18दिन
मंगल09:1810:19दिन
सूर्य10:1911:20दिन
शुक्र11:2012:21दिन
बुध12:2113:22दिन
चंद्र13:2214:23दिन
शनि14:2315:25दिन
गुरु15:2516:26दिन
मंगल16:2617:27दिन
सूर्य17:2718:28दिन
शुक्र18:2819:27रात
बुध19:2720:26रात
चंद्र20:2621:24रात
शनि21:2422:23रात
गुरु22:2323:22रात
मंगल23:2200:21रात
सूर्य00:2101:20रात
शुक्र01:2002:18रात
बुध02:1803:17रात
चंद्र03:1704:16रात
शनि04:1605:15रात
गुरु05:1506:14रात

अयनांश 24.2097° (लाहिड़ी)। समय सेलम (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।