18 नवंबर 2029 को सांगली का चौघड़िया

रविवार, 18 नवंबर 2029, सांगली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 18 नवंबर 2029 को सांगली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (04:27, 19 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (11:00 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:56 पर है। राहुकाल 16:31 से 17:56 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:56
रात 06:37 तक
तिथि
त्रयोदशी, 04:27 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 11:00 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:37 – 08:02टालें
चर08:02 – 09:27सामान्य
लाभ09:27 – 10:51शुभ
अमृत10:51 – 12:16शुभ
काल12:16 – 13:41टालें
शुभ13:41 – 15:06शुभ
रोग15:06 – 16:31टालें
उद्वेग16:31 – 17:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:56 – 19:31शुभ
अमृत19:31 – 21:06शुभ
चर21:06 – 22:41सामान्य
रोग22:41 – 00:17टालें
काल00:17 – 01:52टालें
लाभ01:52 – 03:27शुभ
उद्वेग03:27 – 05:02टालें
शुभ05:02 – 06:37शुभ

18 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 04:27, 19 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 07:02, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:00 तक
अश्विनी 14:01, 19 नव॰ तक
योग
सिद्धि 13:42 तक
व्यतीपातअशुभ 14:37, 19 नव॰ तक
करण
कौलव 15:10 तक
तैतिल 04:27, 19 नव॰ तक
गर 17:45, 19 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 11:00 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:56
चंद्रोदय
15:55
चंद्रास्त
04:07
दिनमान
11h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
16:31 – 17:56
यमगंड
12:16 – 13:41
गुलिक काल
15:06 – 16:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3707:34दिन
शुक्र07:3408:30दिन
बुध08:3009:27दिन
चंद्र09:2710:23दिन
शनि10:2311:20दिन
गुरु11:2012:16दिन
मंगल12:1613:13दिन
सूर्य13:1314:09दिन
शुक्र14:0915:06दिन
बुध15:0616:03दिन
चंद्र16:0316:59दिन
शनि16:5917:56दिन
गुरु17:5618:59रात
मंगल18:5920:03रात
सूर्य20:0321:06रात
शुक्र21:0622:10रात
बुध22:1023:13रात
चंद्र23:1300:17रात
शनि00:1701:20रात
गुरु01:2002:24रात
मंगल02:2403:27रात
सूर्य03:2704:31रात
शुक्र04:3105:34रात
बुध05:3406:37रात

अयनांश 24.2745° (लाहिड़ी)। समय सांगली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।