24 अक्टूबर 2025 को शिलांग का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025, शिलांग, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025 को शिलांग में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (01:20, 25 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51, 25 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 16:47 पर है। राहुकाल 09:41 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 16:47
रात 05:26 तक
तिथि
तृतीया, 01:20 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:25 – 06:50सामान्य
लाभ06:50 – 08:16शुभ
अमृत08:16 – 09:41शुभ
काल09:41 – 11:06टालें
शुभ11:06 – 12:31शुभ
रोग12:31 – 13:56टालें
उद्वेग13:56 – 15:22टालें
चर15:22 – 16:47सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:47 – 18:22टालें
काल18:22 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:31शुभ
उद्वेग21:31 – 23:06टालें
शुभ23:06 – 00:41शुभ
अमृत00:41 – 02:16शुभ
चर02:16 – 03:51सामान्य
रोग03:51 – 05:26टालें

24 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 01:20, 25 अक्टू॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:51, 25 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 05:54, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:03 तक
गर 01:20, 25 अक्टू॰ तक
वणिज 14:35, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
16:47
चंद्रोदय
07:45
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:44 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
10:43 – 11:29

अशुभ समय

राहुकाल
09:41 – 11:06
यमगंड
13:56 – 15:22
गुलिक काल
06:50 – 08:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2506:22दिन
बुध06:2207:19दिन
चंद्र07:1908:16दिन
शनि08:1609:12दिन
गुरु09:1210:09दिन
मंगल10:0911:06दिन
सूर्य11:0612:03दिन
शुक्र12:0313:00दिन
बुध13:0013:56दिन
चंद्र13:5614:53दिन
शनि14:5315:50दिन
गुरु15:5016:47दिन
मंगल16:4717:50रात
सूर्य17:5018:53रात
शुक्र18:5319:57रात
बुध19:5721:00रात
चंद्र21:0022:03रात
शनि22:0323:06रात
गुरु23:0600:10रात
मंगल00:1001:13रात
सूर्य01:1302:16रात
शुक्र02:1603:19रात
बुध03:1904:23रात
चंद्र04:2305:26रात

अयनांश 24.2176° (लाहिड़ी)। समय शिलांग (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।