4 अप्रैल 2027 को शिमला का चौघड़िया

रविवार, 4 अप्रैल 2027, शिमला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 अप्रैल 2027 को शिमला में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (05:23, 5 अप्रैल तक), नक्षत्र शतभिषा (16:33 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 17:07 से 18:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:42
रात 06:05 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:23 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 16:33 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:07 – 07:41टालें
चर07:41 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:50शुभ
अमृत10:50 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:59टालें
शुभ13:59 – 15:33शुभ
रोग15:33 – 17:07टालें
उद्वेग17:07 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:42 – 20:07शुभ
अमृत20:07 – 21:33शुभ
चर21:33 – 22:58सामान्य
रोग22:58 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:49टालें
लाभ01:49 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 04:40टालें
शुभ04:40 – 06:05शुभ

4 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 05:23, 5 अप्रैल तक
कृष्ण चतुर्दशी 05:40, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:33 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:47, 5 अप्रैल तक
योग
शुभ 10:14 तक
शुक्ल 09:47, 5 अप्रैल तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 05:23, 5 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 17:37, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
04:26
चंद्रास्त
16:18
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
17:07 – 18:42
यमगंड
12:24 – 13:59
गुलिक काल
15:33 – 17:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0707:10दिन
शुक्र07:1008:13दिन
बुध08:1309:15दिन
चंद्र09:1510:18दिन
शनि10:1811:21दिन
गुरु11:2112:24दिन
मंगल12:2413:27दिन
सूर्य13:2714:30दिन
शुक्र14:3015:33दिन
बुध15:3316:36दिन
चंद्र16:3617:39दिन
शनि17:3918:42दिन
गुरु18:4219:39रात
मंगल19:3920:36रात
सूर्य20:3621:33रात
शुक्र21:3322:30रात
बुध22:3023:27रात
चंद्र23:2700:24रात
शनि00:2401:21रात
गुरु01:2102:18रात
मंगल02:1803:15रात
सूर्य03:1504:12रात
शुक्र04:1205:08रात
बुध05:0806:05रात

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय शिमला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।