16 अक्टूबर 2027 को शिमला का चौघड़िया

शनिवार, 16 अक्टूबर 2027, शिमला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 16 अक्टूबर 2027 को शिमला में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:13 तक), नक्षत्र अश्विनी (23:59 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 09:15 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:49
रात 06:25 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:13 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अश्विनी, 23:59 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:24 – 07:49टालें
शुभ07:49 – 09:15शुभ
रोग09:15 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:32सामान्य
लाभ13:32 – 14:57शुभ
अमृत14:57 – 16:23शुभ
काल16:23 – 17:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:49 – 19:23शुभ
उद्वेग19:23 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:32शुभ
अमृत22:32 – 00:07शुभ
चर00:07 – 01:41सामान्य
रोग01:41 – 03:16टालें
काल03:16 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:25शुभ

16 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:13 तक
कृष्ण द्वितीया 18:43, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
भरणी 00:03, 18 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 14:29 तक
वज्रअशुभ 13:03, 17 अक्टू॰ तक
करण
बालव 07:18 तक
कौलव 19:13 तक
तैतिल 07:01, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
17:59
चंद्रास्त
06:59
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
09:15 – 10:41
यमगंड
13:32 – 14:57
गुलिक काल
06:24 – 07:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2407:21दिन
गुरु07:2108:18दिन
मंगल08:1809:15दिन
सूर्य09:1510:12दिन
शुक्र10:1211:09दिन
बुध11:0912:06दिन
चंद्र12:0613:03दिन
शनि13:0314:00दिन
गुरु14:0014:57दिन
मंगल14:5715:55दिन
सूर्य15:5516:52दिन
शुक्र16:5217:49दिन
बुध17:4918:52रात
चंद्र18:5219:55रात
शनि19:5520:58रात
गुरु20:5822:01रात
मंगल22:0123:04रात
सूर्य23:0400:07रात
शुक्र00:0701:10रात
बुध01:1002:13रात
चंद्र02:1303:16रात
शनि03:1604:19रात
गुरु04:1905:22रात
मंगल05:2206:25रात

अयनांश 24.2452° (लाहिड़ी)। समय शिमला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।