19 सितंबर 2028 को शिमला का चौघड़िया

मंगलवार, 19 सितंबर 2028, शिमला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 सितंबर 2028 को शिमला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:00 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:17 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:07 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 15:18 से 16:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:07 – 18:21
रात 06:08 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:17 तक
हस्त
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:07 – 07:39टालें
उद्वेग07:39 – 09:11टालें
चर09:11 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 12:14शुभ
अमृत12:14 – 13:46शुभ
काल13:46 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 16:49शुभ
रोग16:49 – 18:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:21 – 19:49टालें
लाभ19:49 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:46टालें
शुभ22:46 – 00:15शुभ
अमृत00:15 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:11सामान्य
रोग03:11 – 04:40टालें
काल04:40 – 06:08टालें

19 सितंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:00 तक
शुक्ल द्वितीया 16:19, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:18, 20 सित॰ तक
योग
शुक्ल 23:13 तक
ब्रह्म 19:05, 20 सित॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 09:56 तक
बव 20:00 तक
बालव 06:07, 20 सित॰ तक
कौलव 16:19, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:07
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
06:34
चंद्रास्त
18:28
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:20
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 16:49
यमगंड
09:11 – 10:43
गुलिक काल
12:14 – 13:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0707:09दिन
सूर्य07:0908:10दिन
शुक्र08:1009:11दिन
बुध09:1110:12दिन
चंद्र10:1211:13दिन
शनि11:1312:14दिन
गुरु12:1413:15दिन
मंगल13:1514:17दिन
सूर्य14:1715:18दिन
शुक्र15:1816:19दिन
बुध16:1917:20दिन
चंद्र17:2018:21दिन
शनि18:2119:20रात
गुरु19:2020:19रात
मंगल20:1921:18रात
सूर्य21:1822:17रात
शुक्र22:1723:16रात
बुध23:1600:15रात
चंद्र00:1501:13रात
शनि01:1302:12रात
गुरु02:1203:11रात
मंगल03:1104:10रात
सूर्य04:1005:09रात
शुक्र05:0906:08रात

अयनांश 24.2582° (लाहिड़ी)। समय शिमला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।