19 जनवरी 2029 को सिलचर का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 जनवरी 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 जनवरी 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (06:40, 20 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (01:18, 20 जन॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 16:54
रात 06:04 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 01:18 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:04 – 07:26सामान्य
लाभ07:26 – 08:47शुभ
अमृत08:47 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:29टालें
शुभ11:29 – 12:50शुभ
रोग12:50 – 14:11टालें
उद्वेग14:11 – 15:33टालें
चर15:33 – 16:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:54 – 18:33टालें
काल18:33 – 20:11टालें
लाभ20:11 – 21:50शुभ
उद्वेग21:50 – 23:29टालें
शुभ23:29 – 01:08शुभ
अमृत01:08 – 02:47शुभ
चर02:47 – 04:25सामान्य
रोग04:25 – 06:04टालें

19 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 06:40, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 01:18, 20 जन॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 04:15, 21 जन॰ तक
योग
वरीयान 08:26 तक
परिघअशुभ 09:10, 20 जन॰ तक
करण
बव 17:26 तक
बालव 06:40, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 18:35 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
08:36
चंद्रास्त
21:01
दिनमान
10h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:29
यमगंड
14:11 – 15:33
गुलिक काल
07:26 – 08:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0406:59दिन
बुध06:5907:53दिन
चंद्र07:5308:47दिन
शनि08:4709:41दिन
गुरु09:4110:35दिन
मंगल10:3511:29दिन
सूर्य11:2912:23दिन
शुक्र12:2313:17दिन
बुध13:1714:11दिन
चंद्र14:1115:06दिन
शनि15:0616:00दिन
गुरु16:0016:54दिन
मंगल16:5418:00रात
सूर्य18:0019:06रात
शुक्र19:0620:11रात
बुध20:1121:17रात
चंद्र21:1722:23रात
शनि22:2323:29रात
गुरु23:2900:35रात
मंगल00:3501:41रात
सूर्य01:4102:47रात
शुक्र02:4703:53रात
बुध03:5304:58रात
चंद्र04:5806:04रात

अयनांश 24.2629° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।