सिलचर का आज का चौघड़िया

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (03:25, 16 अक्टू॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:47, 16 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 12:31 से 13:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 16:52
रात 05:17 तक
तिथि
पंचमी, 03:25 तक
षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:16 – 06:43शुभ
रोग06:43 – 08:10टालें
उद्वेग08:10 – 09:37टालें
चर09:37 – 11:04सामान्य
लाभ11:04 – 12:31शुभ
अमृत12:31 – 13:58शुभ
काल13:58 – 15:25टालें
शुभ15:25 – 16:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:52 – 18:25शुभ
चर18:25 – 19:58सामान्य
रोग19:58 – 21:31टालें
काल21:31 – 23:04टालें
लाभ23:04 – 00:37शुभ
उद्वेग00:37 – 02:10टालें
शुभ02:10 – 03:44शुभ
अमृत03:44 – 05:17शुभ

15 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 03:25, 16 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 05:54, 17 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 06:47, 16 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 21:15 तक
शोभन 22:05, 16 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:16 तक
बालव 03:25, 16 अक्टू॰ तक
कौलव 16:38, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
09:25
चंद्रास्त
19:55
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:37 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
10:41 – 11:27

अशुभ समय

राहुकाल
12:31 – 13:58
यमगंड
05:16 – 06:43
गुलिक काल
08:10 – 09:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1606:14दिन
मंगल06:1407:12दिन
सूर्य07:1208:10दिन
शुक्र08:1009:08दिन
बुध09:0810:06दिन
चंद्र10:0611:04दिन
शनि11:0412:02दिन
गुरु12:0213:00दिन
मंगल13:0013:58दिन
सूर्य13:5814:56दिन
शुक्र14:5615:54दिन
बुध15:5416:52दिन
चंद्र16:5217:54रात
शनि17:5418:56रात
गुरु18:5619:58रात
मंगल19:5821:00रात
सूर्य21:0022:02रात
शुक्र22:0223:04रात
बुध23:0400:06रात
चंद्र00:0601:08रात
शनि01:0802:10रात
गुरु02:1003:13रात
मंगल03:1304:15रात
सूर्य04:1505:17रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।