28 अक्टूबर 2029 को सिलचर का चौघड़िया

रविवार, 28 अक्टूबर 2029, सिलचर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 अक्टूबर 2029 को सिलचर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (04:13, 29 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (21:25 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 16:41 पर है। राहुकाल 15:16 से 16:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 16:41
रात 05:24 तक
तिथि
षष्ठी, 04:13 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 21:25 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:23 – 06:48टालें
चर06:48 – 08:13सामान्य
लाभ08:13 – 09:37शुभ
अमृत09:37 – 11:02शुभ
काल11:02 – 12:27टालें
शुभ12:27 – 13:51शुभ
रोग13:51 – 15:16टालें
उद्वेग15:16 – 16:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:41 – 18:16शुभ
अमृत18:16 – 19:51शुभ
चर19:51 – 21:27सामान्य
रोग21:27 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:38टालें
लाभ00:38 – 02:13शुभ
उद्वेग02:13 – 03:48टालें
शुभ03:48 – 05:24शुभ

28 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 04:13, 29 अक्टू॰ तक
कृष्ण सप्तमी 04:57, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 22:54, 29 अक्टू॰ तक
योग
शिव 13:12 तक
सिद्ध 13:01, 29 अक्टू॰ तक
करण
गर 15:35 तक
वणिज 04:13, 29 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:40, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
16:41
चंद्रोदय
21:09
चंद्रास्त
10:11
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:32
अभिजीत मुहूर्त
10:39 – 11:25

अशुभ समय

राहुकाल
15:16 – 16:41
यमगंड
11:02 – 12:27
गुलिक काल
13:51 – 15:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2306:20दिन
शुक्र06:2007:16दिन
बुध07:1608:13दिन
चंद्र08:1309:09दिन
शनि09:0910:05दिन
गुरु10:0511:02दिन
मंगल11:0211:58दिन
सूर्य11:5812:55दिन
शुक्र12:5513:51दिन
बुध13:5114:48दिन
चंद्र14:4815:44दिन
शनि15:4416:41दिन
गुरु16:4117:44रात
मंगल17:4418:48रात
सूर्य18:4819:51रात
शुक्र19:5120:55रात
बुध20:5521:59रात
चंद्र21:5923:02रात
शनि23:0200:06रात
गुरु00:0601:09रात
मंगल01:0902:13रात
सूर्य02:1303:17रात
शुक्र03:1704:20रात
बुध04:2005:24रात

अयनांश 24.2737° (लाहिड़ी)। समय सिलचर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।