2 सितंबर 2027 को सोलापुर का चौघड़िया

गुरुवार, 2 सितंबर 2027, सोलापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 2 सितंबर 2027 को सोलापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (16:50 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (17:36 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:39
रात 06:12 तक
तिथि
द्वितीया, 16:50 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 17:36 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:12 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:19टालें
उद्वेग09:19 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:32शुभ
काल15:32 – 17:06टालें
शुभ17:06 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:39 – 20:06शुभ
चर20:06 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:26टालें
लाभ00:26 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:19टालें
शुभ03:19 – 04:45शुभ
अमृत04:45 – 06:12शुभ

2 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 16:50 तक
शुक्ल तृतीया 14:19, 3 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:53, 3 सित॰ तक
योग
साध्य 14:09 तक
शुभ 10:56, 3 सित॰ तक
करण
बालव 06:17 तक
कौलव 16:50 तक
तैतिल 03:30, 3 सित॰ तक
गर 14:19, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
19:45
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:32
यमगंड
06:12 – 07:45
गुलिक काल
09:19 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1207:14दिन
मंगल07:1408:16दिन
सूर्य08:1609:19दिन
शुक्र09:1910:21दिन
बुध10:2111:23दिन
चंद्र11:2312:26दिन
शनि12:2613:28दिन
गुरु13:2814:30दिन
मंगल14:3015:32दिन
सूर्य15:3216:35दिन
शुक्र16:3517:37दिन
बुध17:3718:39दिन
चंद्र18:3919:37रात
शनि19:3720:35रात
गुरु20:3521:32रात
मंगल21:3222:30रात
सूर्य22:3023:28रात
शुक्र23:2800:26रात
बुध00:2601:23रात
चंद्र01:2302:21रात
शनि02:2103:19रात
गुरु03:1904:17रात
मंगल04:1705:14रात
सूर्य05:1406:12रात

अयनांश 24.2436° (लाहिड़ी)। समय सोलापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।