10 अक्टूबर 2027 को सोलापुर का चौघड़िया

रविवार, 10 अक्टूबर 2027, सोलापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 10 अक्टूबर 2027 को सोलापुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (11:41 तक), नक्षत्र श्रवण (13:25 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:08 पर है। राहुकाल 16:39 से 18:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:08
रात 06:18 तक
तिथि
दशमी, 11:41 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण, 13:25 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:18 – 07:47टालें
चर07:47 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:44शुभ
अमृत10:44 – 12:13शुभ
काल12:13 – 13:42टालें
शुभ13:42 – 15:10शुभ
रोग15:10 – 16:39टालें
उद्वेग16:39 – 18:08टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:08 – 19:39शुभ
अमृत19:39 – 21:10शुभ
चर21:10 – 22:42सामान्य
रोग22:42 – 00:13टालें
काल00:13 – 01:44टालें
लाभ01:44 – 03:16शुभ
उद्वेग03:16 – 04:47टालें
शुभ04:47 – 06:18शुभ

10 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 11:41 तक
शुक्ल एकादशी 14:09, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:25 तक
धनिष्ठा 16:21, 11 अक्टू॰ तक
योग
धृति 14:54 तक
शूलअशुभ 15:45, 11 अक्टू॰ तक
करण
गर 11:41 तक
वणिज 00:57, 11 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 14:09, 11 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मकर 02:55, 11 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:08
चंद्रोदय
14:52
चंद्रास्त
01:47
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
16:39 – 18:08
यमगंड
12:13 – 13:42
गुलिक काल
15:10 – 16:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1807:17दिन
शुक्र07:1708:16दिन
बुध08:1609:15दिन
चंद्र09:1510:15दिन
शनि10:1511:14दिन
गुरु11:1412:13दिन
मंगल12:1313:12दिन
सूर्य13:1214:11दिन
शुक्र14:1115:10दिन
बुध15:1016:10दिन
चंद्र16:1017:09दिन
शनि17:0918:08दिन
गुरु18:0819:09रात
मंगल19:0920:10रात
सूर्य20:1021:10रात
शुक्र21:1022:11रात
बुध22:1123:12रात
चंद्र23:1200:13रात
शनि00:1301:14रात
गुरु01:1402:15रात
मंगल02:1503:16रात
सूर्य03:1604:16रात
शुक्र04:1605:17रात
बुध05:1706:18रात

अयनांश 24.2450° (लाहिड़ी)। समय सोलापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।