12 सितंबर 2025 को सोमनाथ (वेरावल) का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025, सोमनाथ (वेरावल), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को सोमनाथ (वेरावल) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (09:59 तक), नक्षत्र भरणी (11:58 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:44 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:54
रात 06:35 तक
तिथि
पंचमी, 09:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी, 11:58 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:34 – 08:07सामान्य
लाभ08:07 – 09:39शुभ
अमृत09:39 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:44टालें
शुभ12:44 – 14:17शुभ
रोग14:17 – 15:49टालें
उद्वेग15:49 – 17:21टालें
चर17:21 – 18:54सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:54 – 20:21टालें
काल20:21 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:17शुभ
उद्वेग23:17 – 00:44टालें
शुभ00:44 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:39शुभ
चर03:39 – 05:07सामान्य
रोग05:07 – 06:35टालें

12 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 09:59 तक
कृष्ण षष्ठी 07:23, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 11:58 तक
कृत्तिका 10:11, 13 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 13:43 तक
हर्षण 10:32, 13 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:59 तक
गर 20:39 तक
वणिज 07:23, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 17:30 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
11:04
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:09

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:44
यमगंड
15:49 – 17:21
गुलिक काल
08:07 – 09:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3407:36दिन
बुध07:3608:38दिन
चंद्र08:3809:39दिन
शनि09:3910:41दिन
गुरु10:4111:43दिन
मंगल11:4312:44दिन
सूर्य12:4413:46दिन
शुक्र13:4614:47दिन
बुध14:4715:49दिन
चंद्र15:4916:51दिन
शनि16:5117:52दिन
गुरु17:5218:54दिन
मंगल18:5419:52रात
सूर्य19:5220:51रात
शुक्र20:5121:49रात
बुध21:4922:47रात
चंद्र22:4723:46रात
शनि23:4600:44रात
गुरु00:4401:43रात
मंगल01:4302:41रात
सूर्य02:4103:39रात
शुक्र03:3904:38रात
बुध04:3805:36रात
चंद्र05:3606:35रात

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय सोमनाथ (वेरावल) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।