7 जनवरी 2026 को सोमनाथ (वेरावल) का चौघड़िया

बुधवार, 7 जनवरी 2026, सोमनाथ (वेरावल), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को सोमनाथ (वेरावल) में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:34, 8 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (11:56 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:26 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:16 तक है।

दिन और रात
दिन 07:26 – 18:22
रात 07:27 तक
तिथि
पंचमी, 06:34 तक
नक्षत्र
मघा, 11:56 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:26 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 12:54शुभ
रोग12:54 – 14:16टालें
उद्वेग14:16 – 15:38टालें
चर15:38 – 17:00सामान्य
लाभ17:00 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:22 – 20:00टालें
शुभ20:00 – 21:38शुभ
अमृत21:38 – 23:16शुभ
चर23:16 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:32टालें
काल02:32 – 04:10टालें
लाभ04:10 – 05:49शुभ
उद्वेग05:49 – 07:27टालें

7 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:34, 8 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:56 तक
योग
आयुष्मान 18:33 तक
सौभाग्य 17:25, 8 जन॰ तक
करण
कौलव 18:37 तक
तैतिल 06:34, 8 जन॰ तक
गर 18:43, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:26
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
22:28
चंद्रास्त
10:29
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:42 – 06:34
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:16 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:16
यमगंड
08:48 – 10:10
गुलिक काल
11:32 – 12:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2608:21दिन
चंद्र08:2109:16दिन
शनि09:1610:10दिन
गुरु10:1011:05दिन
मंगल11:0512:00दिन
सूर्य12:0012:54दिन
शुक्र12:5413:49दिन
बुध13:4914:44दिन
चंद्र14:4415:38दिन
शनि15:3816:33दिन
गुरु16:3317:27दिन
मंगल17:2718:22दिन
सूर्य18:2219:27रात
शुक्र19:2720:33रात
बुध20:3321:38रात
चंद्र21:3822:44रात
शनि22:4423:49रात
गुरु23:4900:54रात
मंगल00:5402:00रात
सूर्य02:0003:05रात
शुक्र03:0504:10रात
बुध04:1005:16रात
चंद्र05:1606:21रात
शनि06:2107:27रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय सोमनाथ (वेरावल) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।