9 अक्टूबर 2027 को सोमनाथ (वेरावल) का चौघड़िया

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027, सोमनाथ (वेरावल), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को सोमनाथ (वेरावल) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:02 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (10:18 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:41 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 09:38 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:41 – 18:29
रात 06:42 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:41 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:38शुभ
रोग09:38 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:35टालें
चर12:35 – 14:04सामान्य
लाभ14:04 – 15:32शुभ
अमृत15:32 – 17:01शुभ
काल17:01 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:29 – 20:01शुभ
उद्वेग20:01 – 21:32टालें
शुभ21:32 – 23:04शुभ
अमृत23:04 – 00:35शुभ
चर00:35 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:39टालें
काल03:39 – 05:10टालें
लाभ05:10 – 06:42शुभ

9 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:02 तक
शुक्ल दशमी 11:41, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:25, 10 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 13:52 तक
धृति 14:54, 10 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 09:02 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 11:41, 10 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:41
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
14:43
चंद्रास्त
01:14
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:53
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
09:38 – 11:07
यमगंड
14:04 – 15:32
गुलिक काल
06:41 – 08:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4107:40दिन
गुरु07:4008:39दिन
मंगल08:3909:38दिन
सूर्य09:3810:37दिन
शुक्र10:3711:36दिन
बुध11:3612:35दिन
चंद्र12:3513:34दिन
शनि13:3414:33दिन
गुरु14:3315:32दिन
मंगल15:3216:31दिन
सूर्य16:3117:30दिन
शुक्र17:3018:29दिन
बुध18:2919:30रात
चंद्र19:3020:31रात
शनि20:3121:32रात
गुरु21:3222:33रात
मंगल22:3323:34रात
सूर्य23:3400:35रात
शुक्र00:3501:36रात
बुध01:3602:37रात
चंद्र02:3703:39रात
शनि03:3904:40रात
गुरु04:4005:41रात
मंगल05:4106:42रात

अयनांश 24.2450° (लाहिड़ी)। समय सोमनाथ (वेरावल) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।