31 दिसंबर 2024 को श्रीनगर का चौघड़िया

मंगलवार, 31 दिसंबर 2024, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 31 दिसंबर 2024 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (03:22, 1 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (00:03, 1 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:36 पर और सूर्यास्त 17:31 पर है। राहुकाल 15:02 से 16:17 तक है।

दिन और रात
दिन 07:36 – 17:31
रात 07:36 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:22 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 00:03 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:36 – 08:50टालें
उद्वेग08:50 – 10:05टालें
चर10:05 – 11:19सामान्य
लाभ11:19 – 12:33शुभ
अमृत12:33 – 13:48शुभ
काल13:48 – 15:02टालें
शुभ15:02 – 16:17शुभ
रोग16:17 – 17:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:31 – 19:17टालें
लाभ19:17 – 21:02शुभ
उद्वेग21:02 – 22:48टालें
शुभ22:48 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:19शुभ
चर02:19 – 04:05सामान्य
रोग04:05 – 05:50टालें
काल05:50 – 07:36टालें

31 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 03:22, 1 जन॰ तक
शुक्ल द्वितीया 02:24, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 00:03, 1 जन॰ तक
उत्तराषाढ़ा 23:46, 1 जन॰ तक
योग
ध्रुव 18:59 तक
व्याघातअशुभ 17:06, 1 जन॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 15:42 तक
बव 03:22, 1 जन॰ तक
बालव 14:56, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 06:01, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:36
सूर्यास्त
17:31
चंद्रोदय
08:09
चंद्रास्त
17:45
दिनमान
9h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:39
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:02 – 16:17
यमगंड
10:05 – 11:19
गुलिक काल
12:33 – 13:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3608:25दिन
सूर्य08:2509:15दिन
शुक्र09:1510:05दिन
बुध10:0510:54दिन
चंद्र10:5411:44दिन
शनि11:4412:33दिन
गुरु12:3313:23दिन
मंगल13:2314:13दिन
सूर्य14:1315:02दिन
शुक्र15:0215:52दिन
बुध15:5216:42दिन
चंद्र16:4217:31दिन
शनि17:3118:42रात
गुरु18:4219:52रात
मंगल19:5221:02रात
सूर्य21:0222:13रात
शुक्र22:1323:23रात
बुध23:2300:34रात
चंद्र00:3401:44रात
शनि01:4402:54रात
गुरु02:5404:05रात
मंगल04:0505:15रात
सूर्य05:1506:26रात
शुक्र06:2607:36रात

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।