14 जनवरी 2027 को श्रीनगर का चौघड़िया

गुरुवार, 14 जनवरी 2027, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2027 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (13:59 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (23:19 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:36 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 13:55 से 15:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:36 – 17:43
रात 07:36 तक
तिथि
षष्ठी, 13:59 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 23:19 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:36 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:08टालें
उद्वेग10:08 – 11:23टालें
चर11:23 – 12:39सामान्य
लाभ12:39 – 13:55शुभ
अमृत13:55 – 15:11शुभ
काल15:11 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:43 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:11सामान्य
रोग21:11 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:39टालें
लाभ00:39 – 02:23शुभ
उद्वेग02:23 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:52शुभ
अमृत05:52 – 07:36शुभ

14 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 13:59 तक
शुक्ल सप्तमी 14:13, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:51, 15 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:22 तक
शिव 16:18, 15 जन॰ तक
करण
तैतिल 13:59 तक
गर 02:12, 15 जन॰ तक
वणिज 14:13, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:36
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
10:53
चंद्रास्त
23:51
दिनमान
10h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:40
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
13:55 – 15:11
यमगंड
07:36 – 08:52
गुलिक काल
10:08 – 11:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:3608:27दिन
मंगल08:2709:17दिन
सूर्य09:1710:08दिन
शुक्र10:0810:58दिन
बुध10:5811:49दिन
चंद्र11:4912:39दिन
शनि12:3913:30दिन
गुरु13:3014:20दिन
मंगल14:2015:11दिन
सूर्य15:1116:01दिन
शुक्र16:0116:52दिन
बुध16:5217:43दिन
चंद्र17:4318:52रात
शनि18:5220:01रात
गुरु20:0121:11रात
मंगल21:1122:20रात
सूर्य22:2023:30रात
शुक्र23:3000:39रात
बुध00:3901:49रात
चंद्र01:4902:58रात
शनि02:5804:07रात
गुरु04:0705:17रात
मंगल05:1706:26रात
सूर्य06:2607:36रात

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।