6 जनवरी 2029 को श्रीनगर का चौघड़िया

शनिवार, 6 जनवरी 2029, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 6 जनवरी 2029 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (10:13 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (20:31 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:37 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 10:06 से 11:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:37 – 17:36
रात 07:37 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 20:31 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:37 – 08:51टालें
शुभ08:51 – 10:06शुभ
रोग10:06 – 11:21टालें
उद्वेग11:21 – 12:36टालें
चर12:36 – 13:51सामान्य
लाभ13:51 – 15:06शुभ
अमृत15:06 – 16:21शुभ
काल16:21 – 17:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:36 – 19:21शुभ
उद्वेग19:21 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:51शुभ
अमृत22:51 – 00:36शुभ
चर00:36 – 02:21सामान्य
रोग02:21 – 04:06टालें
काल04:06 – 05:51टालें
लाभ05:51 – 07:37शुभ

6 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 10:13 तक
कृष्ण सप्तमी 08:00, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 19:02, 7 जन॰ तक
योग
शोभन 03:22, 7 जन॰ तक
अतिगंडअशुभ 00:25, 8 जन॰ तक
करण
वणिज 10:13 तक
विष्टि (भद्रा) 21:06 तक
बव 08:00, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:37
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
23:59
चंद्रास्त
11:01
दिनमान
9h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:40
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:06 – 11:21
यमगंड
13:51 – 15:06
गुलिक काल
07:37 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:3708:26दिन
गुरु08:2609:16दिन
मंगल09:1610:06दिन
सूर्य10:0610:56दिन
शुक्र10:5611:46दिन
बुध11:4612:36दिन
चंद्र12:3613:26दिन
शनि13:2614:16दिन
गुरु14:1615:06दिन
मंगल15:0615:56दिन
सूर्य15:5616:46दिन
शुक्र16:4617:36दिन
बुध17:3618:46रात
चंद्र18:4619:56रात
शनि19:5621:06रात
गुरु21:0622:16रात
मंगल22:1623:26रात
सूर्य23:2600:36रात
शुक्र00:3601:46रात
बुध01:4602:56रात
चंद्र02:5604:06रात
शनि04:0605:16रात
गुरु05:1606:27रात
मंगल06:2707:37रात

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।