17 जनवरी 2025 को सूरत का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 जनवरी 2025 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:30, 18 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (12:45 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 18:19 पर है। राहुकाल 11:26 से 12:48 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 18:19
रात 07:18 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा, 12:45 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:18 – 08:41सामान्य
लाभ08:41 – 10:03शुभ
अमृत10:03 – 11:26शुभ
काल11:26 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:34टालें
उद्वेग15:34 – 16:56टालें
चर16:56 – 18:19सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:19 – 19:56टालें
काल19:56 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:48टालें
शुभ00:48 – 02:26शुभ
अमृत02:26 – 04:03शुभ
चर04:03 – 05:41सामान्य
रोग05:41 – 07:18टालें

17 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:30, 18 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 07:31, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 12:45 तक
योग
सौभाग्य 00:56, 18 जन॰ तक
शोभन 01:15, 19 जन॰ तक
करण
बव 16:43 तक
बालव 05:30, 18 जन॰ तक
कौलव 18:26, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
18:19
चंद्रोदय
21:32
चंद्रास्त
09:42
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
11:26 – 12:48
यमगंड
15:34 – 16:56
गुलिक काल
08:41 – 10:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1808:13दिन
बुध08:1309:08दिन
चंद्र09:0810:03दिन
शनि10:0310:58दिन
गुरु10:5811:53दिन
मंगल11:5312:48दिन
सूर्य12:4813:43दिन
शुक्र13:4314:38दिन
बुध14:3815:34दिन
चंद्र15:3416:29दिन
शनि16:2917:24दिन
गुरु17:2418:19दिन
मंगल18:1919:24रात
सूर्य19:2420:29रात
शुक्र20:2921:33रात
बुध21:3322:38रात
चंद्र22:3823:43रात
शनि23:4300:48रात
गुरु00:4801:53रात
मंगल01:5302:58रात
सूर्य02:5804:03रात
शुक्र04:0305:08रात
बुध05:0806:13रात
चंद्र06:1307:18रात

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।