15 जनवरी 2026 को सूरत का चौघड़िया

गुरुवार, 15 जनवरी 2026, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (20:17 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (05:47, 16 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:18 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 14:10 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 07:18 – 18:17
रात 07:18 तक
तिथि
द्वादशी, 20:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 05:47 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:18 – 08:40शुभ
रोग08:40 – 10:03टालें
उद्वेग10:03 – 11:25टालें
चर11:25 – 12:48सामान्य
लाभ12:48 – 14:10शुभ
अमृत14:10 – 15:32शुभ
काल15:32 – 16:55टालें
शुभ16:55 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:17 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 23:10टालें
काल23:10 – 00:48टालें
लाभ00:48 – 02:25शुभ
उद्वेग02:25 – 04:03टालें
शुभ04:03 – 05:40शुभ
अमृत05:40 – 07:18शुभ

15 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 20:17 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:22, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 05:47, 16 जन॰ तक
मूल 08:12, 17 जन॰ तक
योग
वृद्धि 20:38 तक
ध्रुव 21:06, 16 जन॰ तक
करण
तैतिल 20:17 तक
गर 09:22, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 05:47, 16 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:18
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
04:24
चंद्रास्त
15:12
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:34 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:10 – 15:32
यमगंड
07:18 – 08:40
गुलिक काल
10:03 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1808:13दिन
मंगल08:1309:08दिन
सूर्य09:0810:03दिन
शुक्र10:0310:58दिन
बुध10:5811:53दिन
चंद्र11:5312:48दिन
शनि12:4813:43दिन
गुरु13:4314:37दिन
मंगल14:3715:32दिन
सूर्य15:3216:27दिन
शुक्र16:2717:22दिन
बुध17:2218:17दिन
चंद्र18:1719:22रात
शनि19:2220:27रात
गुरु20:2721:32रात
मंगल21:3222:37रात
सूर्य22:3723:43रात
शुक्र23:4300:48रात
बुध00:4801:53रात
चंद्र01:5302:58रात
शनि02:5804:03रात
गुरु04:0305:08रात
मंगल05:0806:13रात
सूर्य06:1307:18रात

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।