10 अप्रैल 2027 को सूरत का चौघड़िया

शनिवार, 10 अप्रैल 2027, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 अप्रैल 2027 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (23:40 तक), नक्षत्र कृत्तिका (16:07 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 09:32 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:56
रात 06:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 16:07 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:24 – 07:58टालें
शुभ07:58 – 09:32शुभ
रोग09:32 – 11:06टालें
उद्वेग11:06 – 12:40टालें
चर12:40 – 14:14सामान्य
लाभ14:14 – 15:48शुभ
अमृत15:48 – 17:22शुभ
काल17:22 – 18:56टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:56 – 20:22शुभ
उद्वेग20:22 – 21:47टालें
शुभ21:47 – 23:13शुभ
अमृत23:13 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:05सामान्य
रोग02:05 – 03:31टालें
काल03:31 – 04:57टालें
लाभ04:57 – 06:23शुभ

10 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 23:40 तक
शुक्ल पंचमी 21:40, 11 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:53, 11 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 22:21 तक
सौभाग्य 19:37, 11 अप्रैल तक
करण
वणिज 12:37 तक
विष्टि (भद्रा) 23:40 तक
बव 10:41, 11 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
08:31
चंद्रास्त
22:28
दिनमान
12h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
09:32 – 11:06
यमगंड
14:14 – 15:48
गुलिक काल
06:24 – 07:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2407:27दिन
गुरु07:2708:29दिन
मंगल08:2909:32दिन
सूर्य09:3210:34दिन
शुक्र10:3411:37दिन
बुध11:3712:40दिन
चंद्र12:4013:42दिन
शनि13:4214:45दिन
गुरु14:4515:48दिन
मंगल15:4816:50दिन
सूर्य16:5017:53दिन
शुक्र17:5318:56दिन
बुध18:5619:53रात
चंद्र19:5320:50रात
शनि20:5021:47रात
गुरु21:4722:45रात
मंगल22:4523:42रात
सूर्य23:4200:39रात
शुक्र00:3901:37रात
बुध01:3702:34रात
चंद्र02:3403:31रात
शनि03:3104:28रात
गुरु04:2805:26रात
मंगल05:2606:23रात

अयनांश 24.2380° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।