21 सितंबर 2029 को सूरत का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 सितंबर 2029, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 सितंबर 2029 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (20:18 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:10 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 11:00 से 12:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:35
रात 06:27 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:18 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
शतभिषा, 15:10 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:27 – 07:58सामान्य
लाभ07:58 – 09:29शुभ
अमृत09:29 – 11:00शुभ
काल11:00 – 12:31टालें
शुभ12:31 – 14:02शुभ
रोग14:02 – 15:33टालें
उद्वेग15:33 – 17:04टालें
चर17:04 – 18:35सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:35 – 20:04टालें
काल20:04 – 21:33टालें
लाभ21:33 – 23:02शुभ
उद्वेग23:02 – 00:31टालें
शुभ00:31 – 02:00शुभ
अमृत02:00 – 03:29शुभ
चर03:29 – 04:58सामान्य
रोग04:58 – 06:27टालें

21 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 20:18 तक
पूर्णिमा 21:59, 22 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:10 तक
पूर्वा भाद्रपद 17:21, 22 सित॰ तक
योग
शूलअशुभ 01:16, 22 सित॰ तक
गंडअशुभ 01:37, 23 सित॰ तक
करण
गर 07:35 तक
वणिज 20:18 तक
विष्टि (भद्रा) 09:06, 22 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
17:37
चंद्रास्त
05:07
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
11:00 – 12:31
यमगंड
15:33 – 17:04
गुलिक काल
07:58 – 09:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2707:27दिन
बुध07:2708:28दिन
चंद्र08:2809:29दिन
शनि09:2910:30दिन
गुरु10:3011:30दिन
मंगल11:3012:31दिन
सूर्य12:3113:32दिन
शुक्र13:3214:33दिन
बुध14:3315:33दिन
चंद्र15:3316:34दिन
शनि16:3417:35दिन
गुरु17:3518:35दिन
मंगल18:3519:35रात
सूर्य19:3520:34रात
शुक्र20:3421:33रात
बुध21:3322:33रात
चंद्र22:3323:32रात
शनि23:3200:31रात
गुरु00:3101:30रात
मंगल01:3002:30रात
सूर्य02:3003:29रात
शुक्र03:2904:28रात
बुध04:2805:28रात
चंद्र05:2806:27रात

अयनांश 24.2722° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।