24 सितंबर 2029 को सूरत का चौघड़िया

सोमवार, 24 सितंबर 2029, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 सितंबर 2029 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (02:16, 25 सित॰ तक), नक्षत्र रेवती (22:37 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:27 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:27 – 18:33
रात 06:28 तक
तिथि
द्वितीया, 02:16 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 22:37 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:27 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:59शुभ
रोग10:59 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 17:02शुभ
अमृत17:02 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:33 – 20:02सामान्य
रोग20:02 – 21:31टालें
काल21:31 – 23:01टालें
लाभ23:01 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 02:00टालें
शुभ02:00 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 04:58शुभ
चर04:58 – 06:28सामान्य

24 सितंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 02:16, 25 सित॰ तक
कृष्ण तृतीया 04:45, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 22:37 तक
अश्विनी 01:36, 26 सित॰ तक
योग
ध्रुव 02:59, 25 सित॰ तक
व्याघातअशुभ 03:55, 26 सित॰ तक
करण
तैतिल 13:05 तक
गर 02:16, 25 सित॰ तक
वणिज 15:29, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 22:37 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:27
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
19:20
चंद्रास्त
07:37
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:29
यमगंड
10:59 – 12:30
गुलिक काल
14:01 – 15:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2707:28दिन
शनि07:2808:28दिन
गुरु08:2809:29दिन
मंगल09:2910:29दिन
सूर्य10:2911:30दिन
शुक्र11:3012:30दिन
बुध12:3013:30दिन
चंद्र13:3014:31दिन
शनि14:3115:31दिन
गुरु15:3116:32दिन
मंगल16:3217:32दिन
सूर्य17:3218:33दिन
शुक्र18:3319:32रात
बुध19:3220:32रात
चंद्र20:3221:31रात
शनि21:3122:31रात
गुरु22:3123:31रात
मंगल23:3100:30रात
सूर्य00:3001:30रात
शुक्र01:3002:29रात
बुध02:2903:29रात
चंद्र03:2904:29रात
शनि04:2905:28रात
गुरु05:2806:28रात

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।