29 मार्च 2025 को सुवा का चौघड़िया

शनिवार, 29 मार्च 2025, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शनिवार, 29 मार्च 2025 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (22:57 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (01:56, 30 मार्च तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 09:11 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 18:09
रात 06:12 तक
तिथि
अमावस्या, 22:57 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 01:56 तक
रेवती
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:12 – 07:41टालें
शुभ07:41 – 09:11शुभ
रोग09:11 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:10टालें
चर12:10 – 13:40सामान्य
लाभ13:40 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:40शुभ
काल16:40 – 18:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:09 – 19:40शुभ
उद्वेग19:40 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:40शुभ
अमृत22:40 – 00:11शुभ
चर00:11 – 01:41सामान्य
रोग01:41 – 03:11टालें
काल03:11 – 04:41टालें
लाभ04:41 – 06:12शुभ

29 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 22:57 तक
शुक्ल प्रतिपदा 19:19, 30 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 01:56, 30 मार्च तक
रेवती 23:05, 30 मार्च तक
योग
शुक्ल 08:36 तक
ब्रह्म 04:33, 30 मार्च तक
इंद्र 00:23, 31 मार्च तक
करण
चतुष्पद 12:43 तक
नाग 22:57 तक
किंस्तुघ्न 09:09, 30 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
05:33
चंद्रास्त
17:54
दिनमान
11h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
09:11 – 10:41
यमगंड
13:40 – 15:10
गुलिक काल
06:12 – 07:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1207:11दिन
गुरु07:1108:11दिन
मंगल08:1109:11दिन
सूर्य09:1110:11दिन
शुक्र10:1111:11दिन
बुध11:1112:10दिन
चंद्र12:1013:10दिन
शनि13:1014:10दिन
गुरु14:1015:10दिन
मंगल15:1016:10दिन
सूर्य16:1017:10दिन
शुक्र17:1018:09दिन
बुध18:0919:10रात
चंद्र19:1020:10रात
शनि20:1021:10रात
गुरु21:1022:10रात
मंगल22:1023:10रात
सूर्य23:1000:11रात
शुक्र00:1101:11रात
बुध01:1102:11रात
चंद्र02:1103:11रात
शनि03:1104:11रात
गुरु04:1105:12रात
मंगल05:1206:12रात

अयनांश 24.2096° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।