14 अक्टूबर 2025 को सुवा का चौघड़िया

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (18:24 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 14:59 से 16:33 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:06
रात 05:37 तक
तिथि
अष्टमी, 17:40 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 18:24 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:38 – 07:11टालें
उद्वेग07:11 – 08:45टालें
चर08:45 – 10:18सामान्य
लाभ10:18 – 11:52शुभ
अमृत11:52 – 13:26शुभ
काल13:26 – 14:59टालें
शुभ14:59 – 16:33शुभ
रोग16:33 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:06 – 19:33टालें
लाभ19:33 – 20:59शुभ
उद्वेग20:59 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 23:52शुभ
अमृत23:52 – 01:18शुभ
चर01:18 – 02:44सामान्य
रोग02:44 – 04:11टालें
काल04:11 – 05:37टालें

14 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:40 तक
कृष्ण नवमी 17:04, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:30, 15 अक्टू॰ तक
योग
शिव 12:25 तक
सिद्ध 10:41, 15 अक्टू॰ तक
करण
बालव 06:12 तक
कौलव 17:40 तक
तैतिल 05:17, 15 अक्टू॰ तक
गर 17:04, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 12:29 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
00:33
चंद्रास्त
11:44
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
14:59 – 16:33
यमगंड
08:45 – 10:18
गुलिक काल
11:52 – 13:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3806:40दिन
सूर्य06:4007:42दिन
शुक्र07:4208:45दिन
बुध08:4509:47दिन
चंद्र09:4710:50दिन
शनि10:5011:52दिन
गुरु11:5212:54दिन
मंगल12:5413:57दिन
सूर्य13:5714:59दिन
शुक्र14:5916:01दिन
बुध16:0117:04दिन
चंद्र17:0418:06दिन
शनि18:0619:04रात
गुरु19:0420:01रात
मंगल20:0120:59रात
सूर्य20:5921:56रात
शुक्र21:5622:54रात
बुध22:5423:52रात
चंद्र23:5200:49रात
शनि00:4901:47रात
गुरु01:4702:44रात
मंगल02:4403:42रात
सूर्य03:4204:39रात
शुक्र04:3905:37रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।