17 अक्टूबर 2025 को सुवा का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (17:42 तक), नक्षत्र मघा (20:27 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 10:17 से 11:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:07
रात 05:35 तक
तिथि
एकादशी, 17:42 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मघा, 20:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:36 – 07:10सामान्य
लाभ07:10 – 08:43शुभ
अमृत08:43 – 10:17शुभ
काल10:17 – 11:51टालें
शुभ11:51 – 13:25शुभ
रोग13:25 – 14:59टालें
उद्वेग14:59 – 16:33टालें
चर16:33 – 18:07सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:07 – 19:33टालें
काल19:33 – 20:59टालें
लाभ20:59 – 22:25शुभ
उद्वेग22:25 – 23:51टालें
शुभ23:51 – 01:17शुभ
अमृत01:17 – 02:43शुभ
चर02:43 – 04:09सामान्य
रोग04:09 – 05:35टालें

17 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 17:42 तक
कृष्ण द्वादशी 18:49, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 20:27 तक
पूर्वा फाल्गुनी 22:11, 18 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 08:40 तक
शुक्ल 08:18, 18 अक्टू॰ तक
करण
बालव 17:42 तक
कौलव 06:12, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
02:47
चंद्रास्त
14:34
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:26 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
10:17 – 11:51
यमगंड
14:59 – 16:33
गुलिक काल
07:10 – 08:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3606:38दिन
बुध06:3807:41दिन
चंद्र07:4108:43दिन
शनि08:4309:46दिन
गुरु09:4610:49दिन
मंगल10:4911:51दिन
सूर्य11:5112:54दिन
शुक्र12:5413:57दिन
बुध13:5714:59दिन
चंद्र14:5916:02दिन
शनि16:0217:04दिन
गुरु17:0418:07दिन
मंगल18:0719:04रात
सूर्य19:0420:02रात
शुक्र20:0220:59रात
बुध20:5921:56रात
चंद्र21:5622:54रात
शनि22:5423:51रात
गुरु23:5100:48रात
मंगल00:4801:46रात
सूर्य01:4602:43रात
शुक्र02:4303:40रात
बुध03:4004:38रात
चंद्र04:3805:35रात

अयनांश 24.2173° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।