1 अक्टूबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (19:05 तक), नक्षत्र कृत्तिका (12:32 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:03 पर है। राहुकाल 13:28 से 14:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:03
रात 05:47 तक
तिथि
पंचमी, 19:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 12:32 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:48 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:24टालें
चर10:24 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 14:59शुभ
काल14:59 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 18:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:03 – 19:31शुभ
चर19:31 – 20:59सामान्य
रोग20:59 – 22:27टालें
काल22:27 – 23:55टालें
लाभ23:55 – 01:23शुभ
उद्वेग01:23 – 02:51टालें
शुभ02:51 – 04:19शुभ
अमृत04:19 – 05:47शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 19:05 तक
कृष्ण षष्ठी 16:45, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:57, 2 अक्टू॰ तक
योग
वज्रअशुभ 06:50 तक
सिद्धि 03:48, 2 अक्टू॰ तक
व्यतीपातअशुभ 00:47, 3 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 08:16 तक
तैतिल 19:05 तक
गर 05:55, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:03
चंद्रोदय
22:35
चंद्रास्त
08:45
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 14:59
यमगंड
05:48 – 07:20
गुलिक काल
08:52 – 10:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4806:50दिन
मंगल06:5007:51दिन
सूर्य07:5108:52दिन
शुक्र08:5209:53दिन
बुध09:5310:54दिन
चंद्र10:5411:56दिन
शनि11:5612:57दिन
गुरु12:5713:58दिन
मंगल13:5814:59दिन
सूर्य14:5916:01दिन
शुक्र16:0117:02दिन
बुध17:0218:03दिन
चंद्र18:0319:02रात
शनि19:0220:01रात
गुरु20:0120:59रात
मंगल20:5921:58रात
सूर्य21:5822:57रात
शुक्र22:5723:55रात
बुध23:5500:54रात
चंद्र00:5401:53रात
शनि01:5302:51रात
गुरु02:5103:50रात
मंगल03:5004:49रात
सूर्य04:4905:47रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।